दून में डायग्नोस्टिक सेंटरों पर सख्ती—बिना मानकों के संचालन पर रोक
दून में डायग्नोस्टिक सेंटरों पर सख्ती—बिना मानकों के संचालन पर रोक, नियमों के बाद ही मिलेगी अनुमति
देहरादून | 09 अप्रैल 2026, भारत केसरी
जिला प्रशासन ने जनपद में संचालित एवं प्रस्तावित अल्ट्रासाउंड और सभी रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के पंजीकरण व नवीनीकरण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार अब किसी भी डायग्नोस्टिक सेंटर को जनसुरक्षा के निर्धारित मानकों के पूर्ण अनुपालन के बिना संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।



प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दून में पहली बार डायग्नोस्टिक सेंटरों के लिए जनसुरक्षा से जुड़े मानकों को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। पिछले छह महीनों से केवल उन्हीं नए सेंटरों का पंजीकरण और पुराने सेंटरों का नवीनीकरण किया जा रहा है, जो निर्धारित मानकों पर खरे उतर रहे हैं।
इन नियमों का पालन जरूरी:
* क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 का अनिवार्य अनुपालन
* बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के तहत सुरक्षित कचरा निस्तारण
* पीसीपीएनडीटी एक्ट के नियमों का पालन (अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लिए)
* भवन की संरचनात्मक सुरक्षा (बिल्डिंग सेफ्टी)
* फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र
* सीवेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था
* प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी आवेदनों की गहन जांच के बाद ही पंजीकरण या नवीनीकरण किया जाए। यदि किसी सेंटर में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित क्लीनिक, सेंटर या अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से जनपद में इन मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
