DEHRADUNDM DEHRADUNSpecial Intensive Revision (SIR)

SIR अभियान को लेकर प्रशासन सक्रिय, डीएम ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

देहरादून, । भारत केसरी

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर पुनरीक्षण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने निर्देशित किया कि मतदाता सूची की मैपिंग गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ की जाए तथा सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाएं। साथ ही अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं के नाम अत्यंत सावधानीपूर्वक सूची से हटाए जाएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

 

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं सुपरवाइजरों को पुनरीक्षण कार्यों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाए तथा उनकी सभी शंकाओं का समाधान प्रशिक्षण के दौरान ही किया जाए।

 

उन्होंने संबंधित क्षेत्रों में पटवारियों के माध्यम से भी सत्यापन कराने के निर्देश दिए, जिससे किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के बूथ लेवल पुनरीक्षण में राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए-2 की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी ईआरओ अपने-अपने क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर प्रत्येक बूथ पर बीएलए-2 की नियुक्ति सुनिश्चित करें, ताकि पुनरीक्षण कार्य पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित तरीके से संपन्न हो सके।

 

मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने सभी ईआरओ को अपने-अपने क्षेत्रों के बूथों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पुनरीक्षण कार्यों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सितंबर माह में किया जाना है। इसके साथ ही निर्वाचन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु टेंडर प्रक्रिया की सूची तैयार कर समय पर समस्त प्रक्रियाएं पूर्ण करने को कहा।

 

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 7 जून तक गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग एवं कार्मिकों का प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन करेंगे। इसी अवधि में नए पोलिंग बूथों को सम्मिलित करते हुए बूथों का अंतिम निर्धारण भी किया जाएगा।

 

उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को मतदाता सूची के प्रथम ड्राफ्ट का प्रकाशन किया जाएगा। इसके उपरांत 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 11 सितंबर तक उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा।

 

जनपद देहरादून की सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 13 लाख 80 हजार 800 मतदाता पंजीकृत हैं। प्री-एसआईआर अभियान के अंतर्गत 16 मई तक 11 लाख 1 हजार 437 मतदाताओं अर्थात 80.38 प्रतिशत की मैपिंग पूर्ण की जा चुकी है, जबकि शेष 2 लाख 70 हजार 161 मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि अब तक 47,923 मतदाता अनुपस्थित, 1,45,797 मतदाता स्थानांतरित तथा 33,008 मतदाता मृत श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं।

 

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 1882 मतदेय स्थल हैं, जिनमें अब तक भारतीय जनता पार्टी द्वारा 1836, कांग्रेस द्वारा 1443 तथा सीपीआई द्वारा 378 बीएलए-2 नियुक्त किए गए हैं। अधिकृत बीएलए-2 अपने संबंधित मतदेय स्थलों पर बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची के परीक्षण, संशोधन एवं अन्य कार्यों में सहयोग कर सकते हैं।

 

उन्होंने बताया कि कोई भी नागरिक निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित ईसीआई-नेट के माध्यम से पंजीकरण एवं मतदाता पहचान पत्र संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकता है। एप पर उपलब्ध “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा के माध्यम से संबंधित बीएलओ से संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त निर्वाचन कार्यालय के टोल फ्री नंबर 1950 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

 

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं पुनरीक्षण व्यवस्थाओं से जुड़े सभी नोडल अधिकारी उपस्थित थे।