हरेला पर रुद्रप्रयाग में गूंजा हरियाली का संदेश, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 30 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर रुद्रप्रयाग जनपद में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। “हर गांव का यही पैगाम, एक पेड़ मां के नाम” थीम के साथ पूरे जिले में सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सहभागिता से पौधारोपण किया गया। जिले में इस वर्ष 30 हजार से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और वर्षाकाल के दौरान यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

मुख्य कार्यक्रम जवाड़ी (रतनपुर कक्ष संख्या-11) में आयोजित हुआ, जहां उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाकर ही हरित उत्तराखंड और विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, कृतज्ञता और भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है। उन्होंने लोगों से प्रत्येक हाथ एक पौधा लगाने, प्रत्येक परिवार एक वृक्ष अपनाने और प्रत्येक गांव को हरियाली से महकाने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से चल रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की तर्ज पर आगामी 5 सितंबर से ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रुद्रप्रयाग में 30 हजार से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी से अभियान को व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है। सभी पौधारोपण गतिविधियों का जियो टैग्ड फोटोग्राफ और डिजिटल रिपोर्टिंग के माध्यम से अभिलेखीकरण किया जा रहा है तथा रोपित पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी गई है।
कार्यक्रम में वन संरक्षक एवं हरेला के नोडल अधिकारी डॉ. विनय भार्गव, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उप प्रभागीय वनाधिकारी देवेंद्र पुंडीर, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
