Uttrakhand

आदि कैलाश परिक्रमा अल्ट्रा रन बना रही वैश्विक पहचान, उत्तराखंड साहसिक पर्यटन का नया केंद्र: सतपाल महाराज

देहरादून/अहमदाबाद, 6 अगस्त। उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण एवं लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि 20 से 25 अक्टूबर 2026 तक पिथौरागढ़ में आयोजित होने वाली आदि कैलाश परिक्रमा अल्ट्रा रन विश्व के सबसे कठिन उच्च हिमालयी आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है।

गुरुवार को गुजरात के अहमदाबाद स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF) में प्रतिभाग करते हुए मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल एक पर्यटन राज्य नहीं, बल्कि आस्था, अध्यात्म, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का अद्भुत संगम है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड की पहचान को केवल चारधाम यात्रा तक सीमित न रखते हुए इसे आध्यात्मिक, साहसिक, वेलनेस एवं योग, ग्रामीण, इको, होमस्टे और सीमा पर्यटन के समग्र केंद्र के रूप में विकसित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को पर्यटन और आजीविका से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों को सीधे लाभ मिल सके।

महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में होमस्टे क्रांति ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दी है। राज्य में हजारों होमस्टे पंजीकृत हैं, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और आतिथ्य का अनुभव कर रहे हैं। इससे युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के सुचारु संचालन के लिए आधार आधारित और ई-केवाईसी युक्त पंजीकरण व्यवस्था लागू की गई है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनी है तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि गुजरात और उत्तराखंड के संबंध केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और भावनात्मक भी हैं। उन्होंने ट्रैवल ऑपरेटरों, टूर एजेंसियों, निवेशकों और मीडिया प्रतिनिधियों से उत्तराखंड को केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण हिमालयी अनुभव के रूप में देश और दुनिया तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खाउंटे सहित विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।