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मुख्यमंत्री की मॉनिटरिंग में तेज हुए राहत कार्य, मालदेवता में बहाल हुआ आवागमन, किसानों को भी मिली राहत

देहरादून, 6 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सतत मॉनिटरिंग और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में मालदेवता, सौड़ा सरौली और आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्निर्माण एवं सुरक्षा कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। प्रशासन ने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, सुरक्षा दीवारों के निर्माण और नदी तटों के संरक्षण कार्यों में तेजी लाकर प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन को सुरक्षित और सुचारु बना दिया है।

गत मंगलवार हुई भारी बारिश के कारण रायपुर विधानसभा क्षेत्र के कई सड़क मार्ग और सुरक्षा संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं। स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को तत्काल पुनर्स्थापन कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते अधिकांश आवश्यक कार्य निर्धारित समय में पूरे कर लिए गए हैं।

सुरक्षा दीवारों की निगरानी जारी

जिला प्रशासन संवेदनशील स्थलों पर निर्मित सुरक्षा दीवारों और सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहा है। सुरक्षा जाल और अन्य संरचनाओं का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि लगातार हो रही बारिश के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके और स्थानीय लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।

कलिंगा नहर बहाल, किसानों को मिली राहत

भारी बारिश के चलते सोंग नदी का जलस्तर बढ़ने से मालदेवता स्थित कलिंगा नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी। सिंचाई विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नहर का पुनर्निर्माण पूरा कर लिया है। इसके बाद क्षेत्र के किसानों को दोबारा सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने लगा है।

इसके अलावा प्रशासन द्वारा पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से सोंग नदी का चैनलाइजेशन कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है, ताकि नदी के बहाव को नियंत्रित कर भविष्य में संभावित नुकसान को कम किया जा सके।

अधिकांश पुनर्निर्माण कार्य पूरे

अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने बताया कि अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों और सुरक्षा दीवारों के पुनर्निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत क्षतिग्रस्त ग्रामीण मार्गों एवं सुरक्षा दीवारों का निर्माण कराया गया है, जबकि मालदेवता क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भी क्षतिग्रस्त स्थलों का पुनर्स्थापन पूरा कर लिया है। सिंचाई विभाग द्वारा कलिंगा नहर के पुनर्निर्माण से किसानों को बड़ी राहत मिली है।

संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी लगातार नजर

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी संबंधित विभागों को मानसून अवधि के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी बनाए रखने और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि राहत, पुनर्वास और सुरक्षा कार्यों की मॉनिटरिंग लगातार जारी रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।