SIR में बड़ी प्रगति, 11.90 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 5.47 लाख नोटिस जारी
देहरादून।
भारत केसरी
उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देहरादून जिले में तेजी से काम चल रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक कर पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक 11 लाख 90 हजार 805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वहीं, वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जुड़े विवरण में विसंगति या आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने पर बीएलओ के माध्यम से 5 लाख 47 हजार 617 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से 3 लाख 95 हजार 772 लोगों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 1 लाख 52 हजार 170 मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 39,025 आवेदन, नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 के तहत 10,235 दावे-आपत्तियां और विवरण संशोधन के लिए प्रारूप-8 के तहत 10,718 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त आपत्तियों पर संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस दिया जाएगा। नोटिस तामील होने के सात दिन बाद सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा, जहां संबंधित मतदाता और आपत्तिकर्ता दोनों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा।
बैठक में एक और अहम जानकारी सामने आई। जिले में 96,187 ऐसे मतदाता चिन्हित हुए हैं, जिनके नाम उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। इन मतदाताओं का सत्यापन कराया जाएगा और उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार एक राज्य में मतदाता के रूप में बने रहने का अवसर दिया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं से संपर्क करेंगे।
जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से अपील की कि नोटिस प्राप्त करने वाले नागरिकों को उनके बूथ तक पहुंचाने और दावे-आपत्तियों के निष्पक्ष निस्तारण में बूथ लेवल एजेंट के माध्यम से सहयोग करें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि प्रारूप-7 में गलत या मिथ्या घोषणा करने वालों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सीडीओ अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, डॉ. हर्षिता, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और निर्वाचन अधिकारी मौजूद रहे।
