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कांग्रेस ने चुनाव आयोग को दी चेतावनी ,वैध मतदाताओं के नाम काटे गए तो कांग्रेस करेगी आंदोलन: सूर्यकांत धस्माना

देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि यदि किसी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया गया तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी और जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ घेराव और प्रदर्शन जैसे लोकतांत्रिक कदम उठाए जाएंगे।

 

 

 

 

 

 

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में धस्माना ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई हालिया मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष पहले से सवाल उठाता रहा है और हालिया रिपोर्टों ने इन सवालों को और गंभीर बना दिया है।

हालांकि, चुनाव आयोग से जुड़े हालिया विवाद पर आयोग की ओर से यह कहा गया है कि आयुक्तों के बीच विचारों में मतभेद होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और SIR समेत सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

SIR में गड़बड़ियों का कांग्रेस का आरोप

धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीआरसी पुरुषोत्तम के समक्ष कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी वैध मतदाता का नाम सूची से हटाया गया तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। पार्टी ने चुनाव आयोग के स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

मतदाता सूची से जुड़े आरोपों के बीच हाल के दिनों में उत्तराखंड में SIR को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। विभिन्न दलों की ओर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं।

किच्छा की घटना को लेकर भी सरकार पर हमला

धस्माना ने किच्छा में कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ और भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला से जुड़े विवाद का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों ने बेहड़ के साथ अभद्रता और मारपीट की।

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, किच्छा नगर निकाय चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहड़ और शुक्ला आमने-सामने आ गए थे। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों में हाथापाई हुई और पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में लिया था। एक व्यक्ति द्वारा बेहड़ को थप्पड़ मारने का आरोप भी सामने आया है।

धस्माना ने इस घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि किच्छा नगर निकाय चुनाव में अपनी संभावित स्थिति को देखते हुए भाजपा की ओर से दबाव बनाने का प्रयास किया गया। ये आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं; भाजपा की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अलग पक्ष भी सामने आया है। भाजपा ने बेहड़ के व्यवहार को लेकर विरोध जताया और अपने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के परिवार के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणियों पर कार्रवाई की मांग की है।

धस्माना ने कहा कि कांग्रेस दोनों मुद्दों—मतदाता सूची और किच्छा की घटना—को लेकर आगे भी राजनीतिक और लोकतांत्रिक स्तर पर अपना विरोध जारी रखेगी।