चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों को लेकर कांग्रेस हमलावर, कांग्रेस करेगी सीधा विरोध: करन माहरा
देहरादून। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सवाल उठाए हैं। उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा ने कहा कि यदि प्रदेश में किसी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया गया तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी।


करन माहरा ने The Indian Express की 23 सितंबर को प्रकाशित एक जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की ओर से दर्ज की गई आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के विभिन्न फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की।
माहरा ने कहा कि इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा मतदाता डेटाबेस के डिजिटल प्रबंधन जैसे मुद्दे शामिल हैं। The Indian Express के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ कदमों को “अनधिकृत” और “अवैध” बताते हुए मतदाता डेटाबेस तक पहुंच के दिल्ली में केंद्रीकरण को लेकर भी चिंता जताई थी।
गोवा के 97 मतदाताओं का मामला उठाया
करन माहरा ने विशेष रूप से गोवा से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या बहाल करने की प्रक्रिया में तकनीकी व्यवस्था की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, गोवा में 97 मतदाताओं के मामलों में स्थानीय Electoral Registration Officers (EROs) ने दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के योग्य पाया, लेकिन सॉफ्टवेयर में उन निर्णयों को दर्ज करने की सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी। रिपोर्ट के अनुसार, इसके चलते इन 97 मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो सके।
माहरा ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में तकनीकी प्रणाली और स्थानीय वैधानिक अधिकारियों के अधिकारों के बीच स्पष्टता और पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि मतदाता का नाम जोड़ने, हटाने या बहाल करने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस ने उत्तराखंड में SIR को लेकर भी उठाए सवाल
माहरा ने दावा किया कि उत्तराखंड कांग्रेस ने SIR के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीआरसी पुरुषोत्तम के समक्ष कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का जोर इस बात पर है कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहें और किसी भी नाम को हटाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने का अवसर मिले।
माहरा ने कहा कि यदि कांग्रेस को किसी वैध मतदाता का नाम हटाए जाने की शिकायत मिलती है तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से संबंधित अधिकारियों के समक्ष मामला उठाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी करेगी।
चुनाव आयोग ने रिपोर्ट पर क्या कहा?
The Indian Express की रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि अलग-अलग विचार और टिप्पणियां किसी भी संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग ने कहा कि पिछले एक वर्ष में उसके सभी निर्णय पूर्ण आयोग की सर्वसम्मत स्वीकृति से लिए गए हैं और आंतरिक टिप्पणियों को अलग से देखने से पूरी तस्वीर सामने नहीं आती।
चुनाव आयोग की इस प्रतिक्रिया के बाद मतदाता सूची प्रबंधन, SIR और आयोग की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
माहरा ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से लेकर मतदान और मतगणना तक पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। 
