आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण में तेजी लाएं, गुणवत्ता से समझौता नहीं: डीएम
देहरादून, 23 सितंबर 2026। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आपदा से क्षतिग्रस्त विभिन्न विभागीय परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने ब्लॉक, तहसील और विभागीय स्तर से प्राप्त पुनर्निर्माण प्रस्तावों की समीक्षा की।

मानकों के अनुरूप प्रस्तावों पर तत्काल जारी हो बजट
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण प्रस्तावों की प्राथमिकता तय की जाए। उन्होंने कहा कि स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (SDRF) के मानकों के अनुरूप पाए जाने वाले आगणनों के लिए तत्काल धनराशि जारी की जाए, ताकि पुनर्निर्माण कार्य जल्द शुरू किए जा सकें।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावों की समीक्षा और स्वीकृति की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। साथ ही, पुनर्निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
गलत आकलनों पर नाराज हुए डीएम
समीक्षा बैठक के दौरान कुछ विभागीय प्रस्तावों में कमियां और SDRF मानकों के अनुरूप न होने की स्थिति सामने आने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित खंड विकास अधिकारियों (BDO) को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर आगणनों की दोबारा जांच करें और संशोधित प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत करें, ताकि पात्र मामलों में बजट जारी किया जा सके।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित विभागों के अधिकारी प्रस्तावों के साथ प्रमाणपत्र संलग्न करेंगे। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रस्तुत किए गए सभी आंकड़े और आकलन निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं।
पुनर्निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की निगरानी पर जोर
डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से प्रभावित परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सही आकलन और मानकों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार होने से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, एसडीएम रविंद्र ज्वांठा सहित लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, लघु सिंचाई, पेयजल, विद्युत विभाग और अन्य कार्यदायी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
