NEET फर्जीवाड़े में एक और गिरफ्तारी, MBBS एडमिशन के नाम पर 5.58 लाख कैश बरामद
देहरादून, भारत केसरी।
देहरादून में NEET UG 2025 से जुड़े फर्जी दस्तावेज प्रकरण की जांच में SIT को एक और अहम कड़ी मिली है। पुलिस के मुताबिक, धीरज कुमार श्रीवास्तव, निवासी भोपाल, मध्य प्रदेश को वाहन संख्या MP-04-Y-0655 (टाटा नेक्सॉन) समेत गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी के वाहन की तलाशी में 5 लाख 58 हजार 100 रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि यह रकम उसे रूपेश पंडित द्वारा फ्रीडम फाइटर कोटे से कुछ छात्रों को MBBS में दाखिला दिलाने के एवज में कमीशन के तौर पर दी गई थी।
🔎 SIT की जांच में क्या सामने आया?
पुलिस के मुताबिक धीरज श्रीवास्तव भोपाल में MBBS WAY नाम से कार्यालय संचालित करता था और विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों में MBBS, B.Tech, BCA, BBA और B.Com जैसे पाठ्यक्रमों में कमीशन के आधार पर दाखिला दिलाने का काम करता था।
जांच के दौरान पुलिस का दावा है कि रूपेश पंडित और धीरज श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों ने तीन अभ्यर्थियों के कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार करवाए, जिनके आधार पर अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में MBBS में प्रवेश लिया गया।
इस मामले में पुलिस पहले ही रूपेश पंडित और अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार रूपेश की निशानदेही पर मेरठ स्थित उसके घर से 8 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए थे।
अब तक पुलिस के मुताबिक कुल 13 लाख 58 हजार 100 रुपये नकद की बरामदगी हो चुकी है।
SIT पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले सभी तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

