टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ बनाने की तैयारी
देहरादून।
भारत केसरी
उत्तराखंड के पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में सरकार ने टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने की योजना पर काम तेज कर दिया है।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ बैठक कर टिहरी झील और आसपास के करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करते हुए समग्र मास्टर और जोनल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

मास्टर प्लान में सरकारी और निजी दोनों भूमि को शामिल किया जाएगा। बेतरतीब विकास को रोकने के लिए क्षेत्रवार जोन निर्धारित किए जाएंगे। साथ ही स्थानीय जरूरतों, भौगोलिक परिस्थितियों, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना तैयार की जाएगी।
🏞️ झील क्षेत्र में बनेंगे ‘मैग्नेट एरिया’
मुख्य सचिव ने टिहरी झील क्षेत्र में अलग-अलग पर्यटन गतिविधियों को जोड़ते हुए प्रमुख ‘मैग्नेट एरिया’ विकसित करने और इनके लिए फेजवाइज योजना तैयार करने को कहा है।
लक्ष्य है कि टिहरी आने वाले पर्यटक सिर्फ कुछ घंटे नहीं, बल्कि एक-दो दिन या उससे अधिक समय तक क्षेत्र में ठहरें।
🚣 जलस्तर कम होने पर भी जारी रहेंगी गतिविधियां
अप्रैल, मई और जून में जलस्तर कम रहने के दौरान भी पर्यटन गतिविधियां जारी रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार होगी। मौसम और जलस्तर के अनुसार वर्षभर का पर्यटन एक्टिविटी कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही नए ट्रैकिंग रूट और ट्रेल्स विकसित करने तथा आसपास के गांवों को पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।
🏡 गांवों तक पहुंचेगा पर्यटन का लाभ
विलेज और कल्चरल विजिट की व्यवस्था विकसित करने की योजना है, जिससे पर्यटक स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, खान-पान और ग्रामीण जीवन से रूबरू हो सकें। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है।
मुख्य सचिव ने टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की समग्र कार्ययोजना और प्रस्तावित गतिविधियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसे प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
अगली बैठक में टीएचडीसी के अधिकारियों को भी बुलाया जाएगा, ताकि झील क्षेत्र के विकास को लेकर संबंधित विषयों पर समन्वित चर्चा हो सके।

