रायवाला ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी मां की हत्या की साजिश
देहरादून। रायवाला क्षेत्र में 65 वर्षीय महिला की हत्या के मामले का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए मृतका की बेटी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पुश्तैनी संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने को लेकर बेटी नाराज थी और उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मां की हत्या की साजिश रची। पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद मृतका के हिस्से में आने वाली जमीन बेचकर दोनों साथ घर बसाने की योजना थी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने महिला के बेटे को भी पुश्तैनी संपत्ति बेचने और हिस्सा नहीं देने को लेकर निशाना बनाया था। जांच में यह भी सामने आया कि बेटी ने अपने प्रेमी को मृतका को अपनी सौतेली मां बताया था।
घर के बाथरूम में मिला था महिला का शव
पुलिस के अनुसार 21 सितंबर 2026 को खजानी देवी अपने छह वर्षीय पोते के साथ शहीद भगत सिंह कॉलोनी, लाइनपार मोतीचूर, रायवाला स्थित किराये के मकान में थीं। उसी दिन वह लापता हो गईं।
मृतका के बेटे संजय पुंडीर ने 22 सितंबर को रायवाला थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि रात करीब 10:30 बजे घर का गेट बाहर से बंद मिला। ताला तोड़कर अंदर जाने पर उनकी मां खजानी देवी का शव बाथरूम में मिला।
तहरीर के आधार पर रायवाला थाने में मु0अ0सं0 158/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
छह पुलिस टीमों ने शुरू की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर रायवाला कोतवाली में छह अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने एफएसएल और फील्ड यूनिट की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
इसके अलावा घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और सर्विलांस के जरिए संदिग्धों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने रायवाला, ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया।
जांच के दौरान पुलिस को मृतका की बेटी शिल्पा थापा के साथ पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद की जानकारी मिली। साथ ही घटना से पहले शिल्पा के परिचित शिव नारायण पांडे उर्फ सोनू को मृतका के घर के आसपास देखे जाने की जानकारी सामने आई।
700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
पुलिस के अनुसार शिव नारायण घटना के बाद से अपना मोबाइल बंद कर फरार था। उसकी तलाश में पुलिस टीमों ने रायवाला, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में करीब 500 होटल और धर्मशालाओं के साथ बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों की करीब 700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली कि शिव नारायण घटना से पहले और बाद में हरिद्वार स्थित शांति कुंज में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने 25 सितंबर को शांति कुंज आश्रम, हरिद्वार से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में शिव नारायण ने खजानी देवी की हत्या शिल्पा के कहने पर करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 26 सितंबर को शिल्पा थापा को शहीद भगत सिंह कॉलोनी, लाइनपार मोतीचूर से गिरफ्तार कर लिया।
मार्च में हुई थी दोनों की मुलाकात
पुलिस पूछताछ के अनुसार शिव नारायण और शिल्पा की मुलाकात मार्च 2026 में हरिद्वार के भूपतवाला स्थित एक होटल में हुई थी, जहां दोनों काम करते थे। इसके बाद दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध बने।
पुलिस के अनुसार शिल्पा ने शिव नारायण को बताया था कि उसकी मां के नाम ग्राम काटल गडूल, रानीपोखरी में कई बीघा पुश्तैनी जमीन है। आरोप है कि जमीन बेचने के बावजूद उसे उसका हिस्सा नहीं दिया जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि शिल्पा ने शिव नारायण को खजानी देवी के अपनी सौतेली मां होने की गलत जानकारी भी दी थी। बाद में उसने अपनी मां को रास्ते से हटाने और उसके हिस्से में आने वाली जमीन बेचकर दोनों के साथ घर बसाने का लालच दिया।
कर्ज में डूबा था आरोपी, पुलिस के सामने बताई पूरी कहानी
पुलिस के मुताबिक शिव नारायण ने पूछताछ में बताया कि लॉकडाउन से पहले उसकी रुड़की के ढंढेरा फाटक में बैटरी रिक्शा की एजेंसी थी। कारोबार में नुकसान के बाद वह भारी कर्ज में आ गया था। पुलिस के अनुसार उसने अपना मकान बेचकर कुछ कर्ज चुकाया, लेकिन उस पर करीब 10 लाख रुपये की देनदारी अभी भी थी।
पुलिस का दावा है कि शिव नारायण ने शिल्पा के भाई से भी कुछ रकम उधार ली थी। वहीं, खजानी देवी को दोनों के संबंधों की जानकारी थी और इसे लेकर उनका पहले भी विवाद हुआ था।
पुलिस के अनुसार 19 सितंबर को शिव नारायण और शिल्पा खजानी देवी से मिलने उनके घर गए थे, जहां दोनों के रिश्ते और उधार की रकम को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद शिल्पा के कहने पर शिव नारायण हत्या की योजना के लिए तैयार हुआ।
घर पहुंचकर गला दबाकर हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार शिल्पा ने शिव नारायण को बताया था कि खजानी देवी सुबह अपनी पोती को छोड़ने के बाद करीब आठ बजे घर लौटती हैं और दोपहर तक घर में अकेली रहती हैं। इसी जानकारी के आधार पर हत्या की योजना बनाई गई।
पुलिस का दावा है कि 21 सितंबर को शिव नारायण खजानी देवी के घर पहुंचा और मौका देखकर उनका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने मकान के बाहर ताला लगाया और मौके से फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद उसने शिल्पा को हत्या की जानकारी दी और उसके कहने पर शांति कुंज में जाकर छिप गया। पुलिस का दावा है कि शिल्पा घटना के बाद लगातार उसे पुलिस कार्रवाई की जानकारी देती रही।

दोनों आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
- शिव नारायण पांडे उर्फ सोनू, पुत्र नरसिंह नारायण पांडे, निवासी सम्राट कॉलोनी, ग्राम करोंदी, थाना भगवानपुर, हरिद्वार, उम्र 39 वर्ष।
- शिल्पा थापा, पत्नी पंकज थापा, निवासी शहीद भगत सिंह कॉलोनी, नई बस्ती लाइनपार मोतीचूर, थाना रायवाला, देहरादून, उम्र 36 वर्ष।
पुलिस के अनुसार शिव नारायण के खिलाफ दिल्ली के हौज खास थाने में धारा 498A/406 IPC का मामला और धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित एक वाद भी दर्ज है।
मामले के खुलासे में रायवाला थाना पुलिस और एसओजी ऋषिकेश की टीम शामिल रही। 
