उत्तराखंड कैबिनेट के 24 बड़े फैसले: भूमि अधिकार से सरकारी भर्ती और स्वास्थ्य तक धामी सरकार के अहम निर्णय
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को चंपावत के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई कैबिनेट बैठक में विकास, प्रशासन, भूमि अधिकार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े 24 अहम प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। सरकार ने वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेज करने, कुछ श्रेणियों के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार देने, सरकारी भर्ती में इंटरव्यू खत्म करने और उच्च शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में कई बदलावों को मंजूरी दी।

कैबिनेट के फैसलों में पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, संपत्ति खरीद-बिक्री में PAN सत्यापन, राजकोषीय अनुशासन, विजिलेंस ढांचे के पुनर्गठन, नए सिंचाई विधेयक, निजी विश्वविद्यालयों के मानक और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के मानदेय के पुनर्निर्धारण जैसे निर्णय भी शामिल हैं।

वन भूमि से एयरपोर्ट विस्तार तक तीन बड़े फैसले
1. वन भूमि हस्तांतरण के लिए PMU:
वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों के तकनीकी और ऑनलाइन परीक्षण तथा नोडल कार्यालय को मजबूत करने के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के गठन को मंजूरी दी गई। इसके लिए छह नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं।
2. लालकुआं और जौनसार-बाबर में भूमि से जुड़े फैसले:
नैनीताल के लालकुआं नगर पंचायत क्षेत्र में वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों/कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधरी अधिकार देने का निर्णय लिया गया। वहीं देहरादून के जौनसार-बाबर में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की अवधि वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष के लिए बढ़ाई गई है।
3. पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार:
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तार के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई।
वित्तीय अनुशासन और वन प्रबंधन में बदलाव
4. संपत्ति खरीद-बिक्री में PAN सत्यापन:
फर्जी या गलत PAN के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के तहत संपत्ति की खरीद-बिक्री में PAN सत्यापन की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।
5. राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन में संशोधन:
वर्ष 2026 से 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3 प्रतिशत और कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
6. वनाग्नि और आपदा प्रबंधन में त्वरित निर्णय:
नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं नैनीताल और मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया गया है। इसका उद्देश्य वनाग्नि और आपदा जैसी परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेना है।
7. छठवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट:
वर्ष 2026-27 से 2030-31 के लिए वित्त आयोग की संस्तुतियों को आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखने को मंजूरी दी गई।
कानून और सरकारी भर्ती प्रक्रिया में अहम बदलाव
8. सहायक लोक अभियोजक की नियुक्ति:
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 19(3) के तहत जिला मजिस्ट्रेट को 14 दिन की सूचना के बाद विशेष मामलों में सहायक लोक अभियोजक नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है।
9. कर्मचारी आचरण नियमावली-2026:
राज्य कर्मचारियों की चल-अचल संपत्ति से संबंधित नियमों को अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट और अद्यतन किया गया है।
10. भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप संशोधन:
सतर्कता प्रतिष्ठान से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में भारतीय न्याय संहिता-2023 के अनुरूप संशोधन को मंजूरी दी गई।
11. समूह ‘ग’ के पदों से इंटरव्यू खत्म:
जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी तथा उप कारापाल के पदों पर इंटरव्यू की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
12. लोक सेवा आयोग के परिसीमन में संशोधन:
जिला युवा कल्याण अधिकारी पद को राजपत्रित समूह ‘ख’ का पद होने के कारण आयोग के संबंधित परिशिष्ट में पुनर्व्यवस्थित किया गया है।
विजिलेंस से सिंचाई और कृषि तक फैसले
13. विजिलेंस ढांचे का पुनर्गठन:
सतर्कता विभाग में 11 पुराने पदों को समर्पित करते हुए छह नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें अपर उपनिरीक्षक और मुख्य आरक्षी समेत अन्य पद शामिल हैं।
14. निवेश एवं आधारिक संरचना अधिनियम:
परिसंपत्तियों के विनिवेश या मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
15. नया सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक-2026:
1873 के पुराने उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम को निरस्त कर नया विधेयक विधानसभा में लाने का निर्णय लिया गया है।
16. पॉल्ट्री सब्सिडी का DBT से भुगतान:
कुक्कुट क्षेत्र की सब्सिडी अब e-RUPI के बजाय सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी।
17. पशुपालन एवं डेयरी में महानिदेशक का नया पद:
योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय के लिए महानिदेशक का एक नया पद सृजित किया गया है।
उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े फैसले
18. मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026:
अगले पांच वर्षों में ₹200 करोड़ खर्च कर करीब 1.19 लाख छात्र-छात्राओं को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण देने की योजना को मंजूरी दी गई है।
19. निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए मानक:
पर्वतीय क्षेत्रों में निजी विश्वविद्यालयों के लिए न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र अनिवार्य किया गया है।
20. नरेंद्रनगर में नया उप निबंधक कार्यालय:
टिहरी के नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 133 राजस्व ग्राम शामिल होंगे, जिससे स्थानीय लोगों को पंजीकरण संबंधी सेवाओं के लिए सुविधा मिलेगी।
21. सौंदर्यीकरण उपशाखा का निक्षेपण:
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के तहत गठित सौंदर्यीकरण उपशाखा को निक्षेपित करने को मंजूरी दी गई।
22. जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था में संशोधन:
वर्ष 1952 की नियमावली के दिशा-निर्देशों में संशोधन कर उन्हें अधिक स्पष्ट और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया गया।
23. वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली-2026:
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों को नियमित करने के लिए नई सेवा नियमावली प्रख्यापित की गई।
24. मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के मानदेय का पुनर्निर्धारण:
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी दूर करने के उद्देश्य से उनके मानदेय का पुनर्निर्धारण किया गया है।
कुल मिलाकर क्या निकला?
बनबसा में हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों में भूमि अधिकार, सरकारी भर्ती में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, वन एवं आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को खास प्राथमिकता दी गई है। खास तौर पर समूह ‘ग’ के कुछ पदों से इंटरव्यू हटाने और युवाओं के कौशल प्रशिक्षण के लिए ₹200 करोड़ की योजना को रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं भूमि संबंधी फैसलों, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार और सीमांत क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से जुड़े निर्णयों को राज्य के विकास एजेंडे के नजरिए से अहम माना जा रहा है।


