Uttrakhand

उत्तराखंड में देर रात भूकंप के तेज झटके, चमोली रहा केंद्र; दिल्ली-NCR तक हिली धरती

देहरादून।

भारत केसरी

उत्तराखंड की धरती एक बार फिर भूकंप के तेज झटकों से दहल उठी। देर रात पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली समेत कई जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि कई इलाकों में लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का असर उत्तराखंड से बाहर दिल्ली-NCR, नोएडा, नई दिल्ली, चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र और शिमला तक महसूस किया गया।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली जिले में जमीन से करीब 13 किलोमीटर नीचे था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.9 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

 

भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। पहाड़ी इलाकों में भूकंप के झटकों को लेकर लोगों की चिंता इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।

 

बार-बार क्यों डोल रही उत्तराखंड की धरती?

उत्तराखंड में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहे हैं। हिमालयी क्षेत्र में भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता को इसकी प्रमुख वजहों में माना जाता है। ऐसे में 4.9 तीव्रता का भूकंप एक बार फिर राज्य की भूकंपीय संवेदनशीलता और आपदा तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।

 

हालांकि, भूकंप के बाद सबसे जरूरी है अफवाहों से बचना और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना। प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

 

फिलहाल राहत की खबर यही है कि भूकंप के तेज झटकों के बावजूद किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन सवाल कायम है—हिमालयी राज्य में अगला झटका कितना बड़ा होगा और क्या हमारी तैयारियां उतनी ही मजबूत हैं?