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बसंत विहार चोरीकांड का खुलासा, दिल्ली के नेपाली गैंग का आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। बसंत विहार क्षेत्र में घर में नशीला पदार्थ खिलाकर ज्वैलरी और नकदी चोरी करने के मामले का दून पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने घटना में शामिल दिल्ली के नेपाली मूल के गैंग के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी की 27,500 रुपये की नकदी, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की अर्टिगा कार बरामद की गई है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है और दिल्ली में टैक्सी चलाता है। आरोप है कि टैक्सी चलाने की आड़ में वह नेपाली मूल के अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। बसंत विहार की वारदात में भी उसने अपने साथियों को घटनास्थल तक पहुंचाने और वारदात के बाद वापस ले जाने के लिए अपनी टैक्सी का इस्तेमाल किया था।

नौकर के जरिए घर में प्रवेश, खाने में मिलाया नशीला पदार्थ

पुलिस के अनुसार, 29/30 अक्टूबर 2026 की रात राज मार्केट, बल्लीवाला चौक निवासी महिपाल सिंह के घर चोरी की घटना हुई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उनके घर में काम करने वाला नौकर भरत थापा, जिसे दिल्ली की एक कंपनी के माध्यम से काम के लिए देहरादून बुलाया गया था, ने कथित तौर पर खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर अपने साथियों के साथ घर से ज्वैलरी और नकदी चोरी कर ली।

शिकायत के आधार पर थाना बसंत विहार में मु0अ0सं0 209/2026, धारा 123 और 305(A) BNS के तहत भरत थापा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

CCTV से सामने आया HR नंबर की कार का कनेक्शन

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

जांच के दौरान पुलिस को घटना में भरत थापा के साथ चार अन्य लोगों के शामिल होने और वारदात में HR नंबर की एक कार इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और संभावित ठिकानों पर दबिश के लिए टीमों को गैर-प्रांत भेजा।

पुलिस के मुताबिक, 6 अक्टूबर 2026 की रात मुखबिर की सूचना पर एक आरोपी दिनेश सुनार को वारदात में इस्तेमाल वाहन HR55 BB1055 अर्टिगा के साथ गिरफ्तार किया गया।

टैक्सी की आड़ में साथियों को पहुंचाता था आरोपी

पूछताछ में पुलिस के अनुसार दिनेश सुनार ने बताया कि वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है और दिल्ली में टैक्सी चलाता है। आरोप है कि टैक्सी चलाने की आड़ में वह नेपाली मूल के अन्य साथियों के साथ मिलकर आपराधिक घटनाओं में शामिल होता था।

पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्य पहले घरेलू काम करने के बहाने घरों की रेकी करते थे और इसके बाद मौका देखकर अपने साथियों के साथ चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। दिनेश अपनी टैक्सी से साथियों को घटनास्थल तक पहुंचाता और वारदात के बाद उन्हें वापस लेकर जाता था। इसके बदले उसे चोरी के माल में हिस्सा मिलता था।

बसंत विहार वारदात में मिले थे 50 हजार रुपये

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बसंत विहार की वारदात के बाद उसके साथियों ने उसे 50 हजार रुपये नकद दिए थे। साथ ही चोरी का माल बिकने के बाद बाकी हिस्सा देने की बात कही गई थी।

जांच में आरोपी के अलावा चार अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने भरत थापा, आदित्य, अभिषेक और एलेक्स को वांछित घोषित किया है। पुलिस टीमें इनकी गिरफ्तारी के लिए गैर-प्रांतों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

आरोपी से क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से—

  • 27,500 रुपये नकद
  • रेडमी कंपनी का सफेद रंग का मोबाइल फोन
  • गोल्डन रंग का आईफोन
  • घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार HR55 BB1055

बरामद करने का दावा किया है।

गिरफ्तार आरोपी

दिनेश सुनार पुत्र चन्द्र सुनार, निवासी पर्यावरण कॉम्प्लेक्स, गली सी-33 डी, बालाजी अपार्टमेंट, दिल्ली, उम्र 27 वर्ष।

ये आरोपी हैं वांछित

  1. भरत थापा पुत्र चन्द्र बहादुर थापा, निवासी जनकपुरी, नई दिल्ली, मूल निवासी नेपाल
  2. आदित्य
  3. अभिषेक
  4. एलेक्स

पुलिस के मुताबिक चारों आरोपी नेपाली मूल के हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।