संगठन छोड़ा, जनता की लड़ाई नहीं… सुराज सेवा दल से इस्तीफे के बाद देवेन्द्र बिष्ट और सुमित अग्रवाल का बड़ा बयान
संगठन छोड़ा, जनता की लड़ाई नहीं… सुराज सेवा दल से इस्तीफे के बाद देवेन्द्र बिष्ट और सुमित अग्रवाल का बड़ा बयान
देहरादून। Bharat Kesari
सुराज सेवा दल से इस्तीफे के बाद पूर्व प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र सिंह बिष्ट और पूर्व जिलाध्यक्ष सुमित अग्रवाल ने प्रेस क्लब देहरादून में प्रेस वार्ता कर अपनी चुप्पी तोड़ी। दोनों नेताओं ने इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं और कथित गलतफहमियों पर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए भविष्य की सामाजिक और राजनीतिक दिशा के संकेत दिए।

देवेन्द्र बिष्ट और सुमित अग्रवाल ने कहा कि सुराज सेवा दल से अलग होना उनका व्यक्तिगत और परिस्थितिजन्य निर्णय है। संगठन में रहते हुए उन्होंने जनहित और सामाजिक मुद्दों को प्राथमिकता दी और किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए संगठन का इस्तेमाल नहीं किया।
दोनों नेताओं ने दो टूक कहा कि संगठन से रास्ता अलग हुआ है, जनता से नहीं। उन्होंने कहा कि पद और संगठन बदल सकते हैं, लेकिन जनता के प्रति जिम्मेदारी और संघर्ष का संकल्प नहीं बदलेगा।
नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के मुद्दों को लेकर और मजबूती से आवाज उठाई जाएगी। साथ ही सहयोगियों और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद कर एक मजबूत जनआवाज तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने उत्तराखंड की राजनीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश को पद और व्यक्तिगत स्वार्थ की राजनीति नहीं, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और जनसेवा की राजनीति की जरूरत है।
प्रेस वार्ता में मौजूद जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प जताया।
अब नजर इस बात पर है कि सुराज सेवा दल से अलग होने के बाद देवेन्द्र बिष्ट और सुमित अग्रवाल की अगली राजनीतिक दिशा क्या होगी? दोनों नेताओं ने साफ किया है कि भविष्य का फैसला जनता, समर्थकों और साथियों की राय तथा प्रदेशहित को ध्यान में रखकर लिया जाएगा और उनकी अगली रणनीति जल्द सार्वजनिक की जाएगी।

