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जनता को दफ्तरों के चक्कर कटवाए तो जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी, CM धामी ने दिए समयबद्ध समाधान के निर्देश

‘सेवा संकल्प अभियान’ के बहुउद्देशीय शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री; बोले—अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनसमस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर और तय समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिन मामलों के निस्तारण में समय लगना जरूरी हो, उनमें शिकायतकर्ता को स्थिति और संभावित समयसीमा की स्पष्ट जानकारी दी जाए।

 

 

 

मुख्यमंत्री शनिवार को देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में पहुंचे। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर उपलब्ध सेवाओं की जानकारी ली और लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी और किशोरी किट वितरित कीं।

जनसमस्याओं के निस्तारण में न हो लापरवाही

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिविरों में आने वाली शिकायतों को महज औपचारिकता मानकर न निपटाया जाए, बल्कि प्रत्येक समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है।

धामी ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य केवल विभागीय स्टॉल लगाना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना है। पात्र लोगों को जानकारी के अभाव या प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

 

दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनसेवा, जनभागीदारी और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देना है।

उन्होंने कहा कि इससे पहले संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। अभियान के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान के साथ पात्र नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार की कोशिश है कि लोगों को सेवाओं के लिए सरकारी दफ्तरों तक बार-बार जाने के बजाय प्रशासन स्वयं उनके बीच पहुंचे और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान करे।

बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार जनसेवाओं को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रमाणपत्र, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य सरकारी कार्यों के लिए आम लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्थानीय स्तर पर आवश्यक सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने तथा संवाद बढ़ाने में ऐसे शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं और आयुष्मान योजनाओं पर भी जोर

धामी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिविरों में स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बीमारियों की समय पर पहचान हो और जरूरतमंद लोगों को उचित उपचार मिल सके।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने और संबंधित विभागों से सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से जनसेवा की भावना के साथ काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी और सुशासन के माध्यम से ही विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।