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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज रेडियो शो ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड के तहत देश को संबोधित किया। एपिसोड की शुरुआत में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बात की।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं है, ये हमारे संकल्प, साहस और बदलते भारत की तस्वीर है। इस तस्वीर ने पूरे देश को देश-भक्ति के भावों से भर दिया है, तिरंगे में रंग दिया है।
पीएम ने भारतीय सेना के पराक्रम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की सेना ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा प्रहार किया।
इसके साथ ही उन्होंने उन आतंकी ठिकानों की तस्वीरें भी दिखाई जिन्हें भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नष्ट किया था। उन्होंने बताया कि PoK में गुलपुर और अब्बास कैंप (कोटली में) और भिंबर के बरनाला कैंप को नष्ट किया गया।
पीएम के संबोधन की 7 बड़ी बातें…
1. भारतीय सेना ने हर हिंदुस्तानी का सिर ऊंचा किया पीएम ने कहा कि आज पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है, संकल्पबद्ध है। आज हर भारतीय का यही संकल्प है, हमें आतंकवाद को खत्म करना ही है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेनाओं ने जो पराक्रम दिखाया है, उसने हर हिंदुस्तानी का सिर ऊंचा कर दिया है।
जिस सटीकता के साथ हमारी सेनाओं ने सीमा पार के आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया, वो अद्भुत है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया-भर में आतंक के खिलाफ लड़ाई को नया विश्वास और उत्साह दिया है।
2. ऑपरेशन सिंदूर ने लोगों में देशभक्ति की भावना जगाई पीएम ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने देश के लोगों को इतना प्रभावित किया है कि कई परिवारों ने इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। बिहार के कटिहार में, यूपी के कुशीनगर में, और भी कई शहरों में, उस दौरान जन्म लेने वाले बच्चों का नाम ‘सिंदूर’ रखा गया है।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सोशल मीडिया पर कविताएं लिखी जा रही थीं, संकल्प गीत गाये जा रहे थे। छोटे-छोटे बच्चे पेंटिंग्स बना रहे थे जिनमें बड़े संदेश छुपे थे। देश के कई शहरों में, गावों में, छोटे-छोटे कस्बों में, तिरंगा यात्राएं निकाली गई।
हजारों लोग हाथों में तिरंगा लेकर देश की सेना, उसके प्रति वंदन-अभिनंदन करने निकल पड़े। कितने ही शहरों में सिविल डिफेंस वॉलेंटियर बनने के लिए बड़ी संख्या में युवा एकजुट हो गए, और हमने देखा, चंडीगढ़ के वीडियोज तो काफी वायरल हुए थे।
3. महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पहली बार बस पहुंची पीएम ने कहा कि मैं आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताना चाहता हूं, जहां पहली बार एक बस पहुंची। इस दिन का वहां के लोग वर्षों से इंतजार कर रहे थे। और जब गांव में पहली बार बस पहुंची तो लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर उसका स्वागत किया। बस को देखकर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। गांव में पक्की सड़क थी, लोगों को जरूरत थी, लेकिन पहले कभी यहां बस नहीं चल पाई थी।
क्योंकि ये गांव माओवादी हिंसा से प्रभावित था। यह जगह है महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में, और इस गांव का नाम है, काटेझरी। अब यहां हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। माओवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई से अब ऐसे क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी है। गांव के लोगों का कहना है कि बस के आने से उन लोगों का जीवन बहुत आसान हो जाएगा।
4. छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित इलाकों में अब शिक्षा बढ़ रही पीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर के बच्चों में साइंस का पैशन है। वो स्पोर्ट्स में भी कमाल कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों से पता चलता है कि इन इलाकों में रहने वाले लोग कितने साहसी होते हैं। इन लोगों ने तमाम चुनौतियों के बीच अपने जीवन को बेहतर बनाने की राह चुनी है।
मुझे यह जानकार भी बहुत खुशी हुई कि 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में दंतेवाड़ा जिले के नतीजे बहुत शानदार रहे हैं। करीब 95% के साथ ये जिला 10वीं के नतीजों में टॉप पर रहा। वहीं 12वीं की परीक्षा में इस जिले ने छत्तीसगढ़ में छठा स्थान हासिल किया। सोचिए, जिस दंतेवाड़ा में कभी माओवाद चरम पर था, वहां आज शिक्षा का परचम लहरा रहा है। ऐसे बदलाव हम सभी को गर्व से भर देते हैं।
5. गुजरात में पांच साल में शेरों की संख्या बढ़ी पीएम ने कहा कि शेरों से जुड़ी एक बड़ी अच्छी खबर है। पिछले केवल पांच सालों में गुजरात के गिर में शेरों की आबादी 674 से बढ़कर 891 हो गई है। लॉयन सेंसस के बाद सामने आई शेरों की ये संख्या बहुत उत्साहित करने वाली है। साथियों, आप में से बहुत से लोग यह जानना चाह रहे होंगे कि आखिर ये एनिमल सेंसस होती कैसे है। ये एक्सरसाइज बहुत ही चुनौतीपूर्ण है।
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लॉयन सेंसस 11 जिलों में, 35 हजार वर्ग किलोमीटर के दायरे में की गई थी। सेंसस के लिए टीमों ने चौबीसों घंटे इन क्षेत्रों की निगरानी की। पूरे अभियान में वैरिफिकेशन और क्रॉस वैरिफिकेशन दोनों किए गए। इससे पूरी बारीकी से शेरों की गिनती का काम पूरा हो सका।
कुछ दशक पहले गिर में हालात बहुत चैलेंजिंग थे। लेकिन वहां के लोगों ने मिलकर बदलाव लाने का बीड़ा उठाया। वहां लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ ही ग्लोबल बेस्ट प्रेक्टिसेज को भी अपनाया गया।
6. सिक्किम के डॉक्टर ने क्राफ्टेड फाइबर्स की शुरुआत की पीएम ने कहा कि दो-तीन दिन पहले मैं पहली राइजिंग नॉर्थ-ईस्ट समिट में गया था। यहां मुझे एक दिलचस्प कहानी पता चली है क्राफ्टेड फाइबर्स की। ये सिर्फ एक ब्रांड नहीं, सिक्किम की परंपरा, बुनाई की कला, और आज के फैशन की सोच- तीनों का सुन्दर संगम है। इसकी शुरुआत वेटेनरी डॉक्टर डॉ चेवांग नोरबू भूटिया ने की। उन्होंने बुनाई को एक नया आयाम देते हुए क्राफ्टेड फाइबर्स को जन्म दिया।
उन्होंने पारंपरिक बुनाई को मॉडर्न फैशन से जोड़ा और इसे बनाया एक सोशल एंटरप्राइज। क्राफ्टेड फाइबर्स के शॉल, स्टोल, दस्ताने, मोजे, सब लोकल हैंडलूम से बने होते हैं। इसमें जो ऊन का इस्तेमाल होता है, वो सिक्किम के खरगोशों और भेड़ों से आता है। रंग भी पूरी तरह प्राकृतिक होते हैं – कोई केमिकल नहीं, सिर्फ प्रकृति की रंगत।
7. योग दिवस को लेकर देशभर में उत्साह पीएम ने कहा कि ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ में अब एक महीने से भी कम समय बचा है। 21 जून 2015 में ‘योग दिवस’ की शुरुआत के बाद से ही इसका आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। इस बार भी ‘योग दिवस’ को लेकर दुनिया भर में लोगों का जोश और उत्साह नजर आ रहा है।
आंध्र प्रदेश की सरकार ने ‘योगआंध्र’ अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य पूरे राज्य में योग संस्कृति को विकसित करना है | इस अभियान के तहत योग करने वाले 10 लाख लोगों का एक पूल बनाया जा रहा है । मुझे इस वर्ष विशाखापट्टनम में ‘योग दिवस’ कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मन के बात पर सवाल उठाए हुए जोरदार हमला किया है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए है। कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा की प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ मन की हीं बात करते रहते हैँ लेकिन अपनी मन की बात मे आजतक उन्होंने जन की बात नहीं सुनी।

 

उत्तराखंड की बात करते है मगर आपको उत्तराखंड की धरातल का नहीं पता। महिला अत्याचार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था पर कोई बात नहीं की। आज देश मे महिला अपराध मे वृद्धि हुई है, युवाओं के पास रोजगार नहीं है, राज्य मे स्वास्थ्य व्यवस्था फ़ैल हो चुकी है लेकिन प्रधानमंत्री जी इन सब बातो पर ध्यान ना देकर सिर्फ अपनी मन की हीं बात मे व्यस्त हैँ। जबकि आज राज्य मे इन सभी विषयो पर कार्य होना चाहिए था।

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