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राजकीय महाविद्यालय सतपुली का खैरासेण में स्थानांतरण होते ही छात्र संख्या घटने लगी है। महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन में छात्रों की परीक्षाएं भी शुरू हो गई है।जिसके चलते छात्र-छात्राओं को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र में पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन व प्रशासन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि नेताओं ने अपने नेताओं को खुश करने के लिए छात्रों के भविष्य को अंधकार में कर दिया है। शहर से गांव की ओर महाविद्यालय को भेजना भाजपा सरकार की विफलता का कारण है। ऐसे ही पहाड़ी क्षेत्र शिक्षा और स्वास्थ्य में पहले से ही पीछे है और इस तरह की व्यवस्था से शिक्षा के पहुंच से बच्चे दूर होते जा रहे हैं 
सूर्यकांत धस्माना ने कहा इससे छात्रों को पढ़ने पढ़ने में बहुत दिक्कत आएगी जब की उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय सतपुली का प्रांगण खाली पड़ा है जिसको की इंटर कॉलेज के साथ मर्ज कर दिया गया है। प्राचार्य डॉक्टर संजय कुमार का कहना है की खैरासैण महाविद्यालय स्थापित होते ही छात्र संख्या में भारी गिरावट देखने को मिली है। छात्र संख्या 381 से 215 रह गए है। अभी छात्रों को पीने के पानी की भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि परीक्षा विभाग के कर्मचारी छात्रों को पीने की पानी को व्यवस्था खुद अपने संसाधनों से करनी पड़ रही है। जबकि राजकीय महाविद्यालय सतपुली में सुचारू रूप से चल रहा था। सरकार के निर्देश के बाद खैरासैण में नवनिर्मित बिल्डिंग में स्थानांतरित कर दिया गया है।
