एमडीडीए ने लगभग 72 बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को किया ध्वस्त, नियमों से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई
एमडीडीए का लक्ष्य— “स्वच्छ, संगठित और पारदर्शी शहरी विकास मॉडल तैयार करना, जिसमें जनता की सुरक्षा और हित सर्वोपरि हों” : बंशीधर तिवारी
देहरादून, 8 दिसंबर। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है। नियोजित एवं सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एमडीडीए की टीम ने विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई, होरोवाला रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सीलिंग व ध्वस्तीकरण कार्रवाई को अंजाम दिया। प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण
एमडीडीए की सख्त कार्रवाई के तहत आज जिन स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई, उनमें शामिल हैं—
होरोवाला रोड, देहरादून जिशान खान द्वारा लगभग 40–45 बीघा में की गई अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
खैरी गांव, मुर्गी निगम रोड, सेलाकुई परमजीत रिखोल द्वारा लगभग 5 बीघा में की गई अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई।
ग्राम शंकरपुर, नवोदय विद्यालय निकट, कैचीवाला रोड, सहसपुर राहुल धनोला एवं अन्य द्वारा लगभग 22 बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।
कार्यवाही के दौरान अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल, अमन पाल, सुपरवाइज़र एवं पुलिस बल मौजूद रहे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
“एमडीडीए का मूल उद्देश्य सुव्यवस्थित, सुरक्षित और योजनाबद्ध शहरी विकास लागू करना है। इसी उद्देश्य से अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति लागू की गई है। अवैध कॉलोनाइज़र बिना मानचित्र स्वीकृति और बिना बुनियादी सुविधाओं के प्लॉटिंग कर नागरिकों के लिए बड़ा जोखिम पैदा करते हैं। ऐसे सभी मामलों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
हम जनता से अपील करते हैं कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसकी विधिक स्थिति अवश्य जांचें और केवल एमडीडीए की स्वीकृत कॉलोनियों में ही निवेश करें। हमारा लक्ष्य एक पारदर्शी, सुरक्षित और संगठित शहरी विकास मॉडल तैयार करना है।”
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
“प्राधिकरण अवैध निर्माणों पर लगातार निगरानी रख रहा है। जहां भी अवैध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तुरंत कार्रवाई की जाती है। विकास क्षेत्रों की भौतिक जांच कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी स्तर पर अवैध प्लॉटिंग पनप न सके। नागरिकों व निवेशकों से आग्रह है कि मानचित्र स्वीकृति और विधिक प्रक्रिया की पुष्टि कर ही भूमि क्रय करें। एमडीडीए का प्रयास है कि विकास कार्य नियमों के अनुरूप एवं पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ें।”