डोईवाला की महिलाओं ने रच दिया कमाल, 30 लाख के कारोबार से बदली किस्मत
30 लाख के टर्नओवर से बदली तस्वीर, 700 से अधिक महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर
देहरादून, 07 जनवरी 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं अब कागजों से निकलकर ज़मीनी स्तर पर असर दिखा रही हैं। इसका सशक्त उदाहरण देहरादून जनपद के डोईवाला ब्लॉक में देखने को मिल रहा है, जहां ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित मसाला यूनिट आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की नई कहानी लिख रही है।
डोईवाला ब्लॉक के दूधली गांव में ग्रामोत्थान रीप परियोजना के अंतर्गत स्थापित यह मसाला यूनिट सफलता मॉडल क्लस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा संचालित की जा रही है। वर्ष 2023 में स्थापित इस यूनिट ने अब तक लगभग 30 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल कर ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है।


30 लाख के कारोबार से बदली महिलाओं की आर्थिक स्थिति
वित्तीय वर्ष 2023–24 में यूनिट ने 10 लाख रुपये, जबकि 2024–25 में 20 लाख रुपये का कारोबार दर्ज किया। इस यूनिट से वर्तमान में 4 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से मसालों के निर्माण, प्रसंस्करण और पैकेजिंग में कार्यरत हैं, जबकि 45 महिलाएं कच्चे माल की आपूर्ति में लगी हैं। इसके अतिरिक्त फेडरेशन से जुड़ी 700 से अधिक महिलाएं हल्दी, मिर्च, धनिया समेत अन्य मसालों का कच्चा माल उपलब्ध कराकर स्वरोजगार से जुड़ रही हैं।
10 लाख की लागत से शुरू हुई यूनिट
मसाला यूनिट की स्थापना 10 लाख रुपये की लागत से की गई, जिसमें
6 लाख रुपये ग्रामोत्थान रीप परियोजना से,
3 लाख रुपये बैंक ऋण के रूप में,
1 लाख रुपये महिलाओं के स्वयं के योगदान से निवेश किया गया।
हिलान्स ब्रांड के तहत बाजार में पहचान
यूनिट में अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, जीरा और बेसन का निर्माण किया जा रहा है। तैयार उत्पादों को हिलान्स ब्रांड के अंतर्गत आधुनिक और आकर्षक पैकेजिंग के साथ बाजार में उतारा जा रहा है। महिलाओं को मशीन संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण और पैकेजिंग का नियमित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
नई वैरायटी पर काम शुरू
बढ़ती मांग को देखते हुए समूह की महिलाएं अब गरम मसाला, चिकन मसाला, फिश करी मसाला, मैगी मसाला सहित अन्य नई वैरायटी विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही हैं। शुद्धता, स्वच्छता और गुणवत्ता के कारण ये उत्पाद स्थानीय बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल
सफलता मॉडल क्लस्टर लेवल फेडरेशन की अध्यक्ष आरती पांडे ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और ग्रामोत्थान रीप परियोजना ग्रामीण महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही हैं। वहीं जिला परियोजना प्रबंधक (रीप) कैलाश भट्ट ने बताया कि इस यूनिट से लगभग 700 महिलाएं प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।
यह मसाला यूनिट न केवल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का सशक्त उदाहरण बन चुकी है, बल्कि यह भी साबित कर रही है कि सामूहिक प्रयास और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन से सीमित संसाधनों में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
