ब्राह्मण समाज के विरुद्ध कथित बयानबाजी को लेकर महासभा का एसएसपी कार्यालय पर ज्ञापन
ब्राह्मण समाज के विरुद्ध कथित बयानबाजी को लेकर महासभा का एसएसपी कार्यालय पर ज्ञापन
भारती पांडे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग
देहरादून, 14 जनवरी।
अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा उत्तराखंड ने ब्राह्मण समाज के विरुद्ध कथित आपत्तिजनक बयानबाजी को लेकर देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि मकर संक्रांति के अवसर पर आज प्रातः 11:00 बजे महासभा के पदाधिकारी एसएसपी कार्यालय पहुंचे और प्रार्थना पत्र सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि दिनांक 08 जनवरी 2026 को अल्मोड़ा के गांधी पार्क, चौगानपाटा में अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर आयोजित विभिन्न संगठनों की एक सभा के दौरान भारती पांडे द्वारा ब्राह्मण समाज के विरुद्ध आपत्तिजनक और भ्रामक बयान दिए गए।
महासभा का आरोप है कि सभा के दौरान भारती पांडे ने ब्राह्मणों को लेकर अनुचित टिप्पणी करते हुए उन्हें अपराधियों के समर्थन से जोड़ने का प्रयास किया, जिससे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इस दौरान जब अधिवक्ता वैभव जोशी ने कथित रूप से इस्तेमाल किए गए शब्दों पर आपत्ति जताई और इस प्रकार की भाषा का प्रयोग न करने की बात कही, तो भारती पांडे द्वारा उनसे भी अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें सभा स्थल छोड़ने के लिए कहा गया।
महासभा ने ज्ञापन में कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी से समस्त ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। संगठन ने इसे गंभीर सामाजिक अपराध बताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
एसएसपी देहरादून से अनुरोध किया गया है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से शामिल
प्रदेश अध्यक्ष: मनमोहन शर्मा
प्रदेश महासचिव: उमाशंकर शर्मा
प्रदेश संगठन सचिव: मनोज कुमार शर्मा
संरक्षक: सुरेंद्र दत्त शर्मा
सीताराम नौटियाल
प्रदेश विधि सलाहकार: सुयश कुकरेती
युवा प्रदेश अध्यक्ष: सत्येंद्र दीक्षित
जिला अध्यक्ष: संजय खंडूड़ी
राकेश मिश्रा
सचिन दीक्षित
महासभा ने स्पष्ट किया कि समाज की गरिमा और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
