देहरादून में पंडित भीमसेन जोशी संगीत समारोह का भव्य आगाज़, पहले दिन सजी सुरों की महफिल
देहरादून में पंडित भीमसेन जोशी संगीत समारोह का भव्य आगाज़, पहले दिन सजी सुरों की महफिल
ज्योति शर्मा की ग़ज़लों, पद्मश्री तेजेंद्र मजमुंदार के सरोद वादन और हिमांशु दरमोड़ा की प्रस्तुति ने बांधा समां
भारत केसरी
देहरादून के कैंट रोड स्थित लीची बाग में महान संगीतकार भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी की स्मृति में आयोजित दो दिवसीय नौवें संगीत समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया, जबकि मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने स्मारिका का लोकार्पण किया।


कलाश्रय संस्था के अध्यक्ष हिमांशु दरमोड़ा ने अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रूप से किया। समारोह के पहले दिन संगीत की विविध विधाओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पहले सत्र में हैदराबाद से आईं ग़ज़ल गायिका ज्योति शर्मा ने मेहदी हसन, गुलाम अली और बेगम अख्तर की मशहूर ग़ज़लों की प्रस्तुति देकर माहौल को सुरमयी बना दिया। “चुपके चुपके रात दिन” जैसी प्रस्तुति पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं।
दूसरे सत्र में सरोद वादन के लिए प्रसिद्ध तेजेंद्र मजमुंदार ने राग झंझानी प्रस्तुत कर अपनी कला का लोहा मनवाया। उनके साथ तबले पर युवा कलाकार निशित गंगनानी ने संगत दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
तीसरे सत्र में शास्त्रीय संगीतज्ञ हिमांशु दरमोड़ा ने ‘लैंडेड रिदमिस्तान’ थीम पर प्रस्तुति देकर पूरे पंडाल को तालियों से गूंजा दिया।
कार्यक्रम में तबला वादक चित्रांक पंत, पंडित योगेश गंगानी, हार्मोनियम पर सुमित मिश्रा व समी उल्लाह खां और सितार वादक विशाल मिश्रा ने भी अपनी प्रस्तुतियों से रंग जमाया।
मुख्य अतिथि सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि कलाश्रय संस्था द्वारा शास्त्रीय संगीत और कला के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। वहीं कार्यक्रम अध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने संस्था की निरंतरता और समर्पण की प्रशंसा की।
समारोह के दूसरे दिन रविवार को निराली कार्तिक का शास्त्रीय गायन, स्वाति सिन्हा का कथक नृत्य और निजामी बंधु की कव्वाली प्रस्तुति आयोजित होगी।
कार्यक्रम में डॉ. डी.आर. पुरोहित, वरिष्ठ पत्रकार योगेश भट्ट, एस.सी. पंत और चित्रकार अंजली थापा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संचालन अजय जोशी ने किया।
