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दलित उत्पीड़न के मामलों पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, 15 जून को धरने का ऐलान

देहरादून। भारत केसरी 

प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने उत्तराखंड में दलितों के खिलाफ बढ़ती घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल ने कहा कि प्रदेश में दलित समाज के सम्मान, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जबकि सरकार और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं।

मदन लाल ने टिहरी जनपद के देवल गांव निवासी केतन लाल की हत्या और चम्पावत में एक दलित युवक को जूतों की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये घटनाएं संविधान द्वारा प्रदत्त समानता और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार पर सीधा हमला हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जातिगत भेदभाव और सामाजिक उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे दलित समाज में भय और असुरक्षा का माहौल है।

उन्होंने कहा कि यदि टिहरी की घटना में समय रहते कठोर कार्रवाई की गई होती, तो चम्पावत जैसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होती। कांग्रेस नेता ने कहा कि दलित समाज के साथ होने वाले अत्याचारों पर सरकार की प्रतिक्रिया केवल औपचारिकता तक सीमित दिखाई देती है।

 

मदन लाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी टिहरी और चम्पावत की घटनाओं के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पीड़ितों को न्याय तथा मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दलित समाज पर अत्याचार की घटनाएं नहीं रुकीं तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाने को मजबूर होगी।

 

उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग 15 जून 2026 को प्रातः 10:30 बजे देहरादून के घंटाघर स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराएगा।

 

पत्रकार वार्ता में महानगर अध्यक्ष करण घाघट, प्रदेश महामंत्री संजय गौतम, प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मपाल घाघट तथा नोहर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे