BHU में सम्पन्न हुई 37वीं सुदर्शन सभा, डॉ. अनुभा पुंडीर को मिला ‘राष्ट्रीय रत्न काशी महामना सम्मान
वाराणसी। भारत केसरी
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) परिसर में आयोजित 37वीं सुदर्शन सभा में देशभर की प्रतिष्ठित हस्तियों की मौजूदगी के बीच शिक्षाविद, पर्यावरण संरक्षण की अग्रदूत और ‘झोला अभियान’ की प्रेरक डॉ. अनुभा पुंडीर को ‘राष्ट्रीय रत्न काशी महामना सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

यह भव्य आयोजन परिवर्तन योगेश संस्थान, महर्षि सत्य सनातन अखाड़ा एवं महर्षि सत्य सनातन हिंदी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, कलाकारों और समाजसेवियों ने सहभागिता की।
डॉ. अनुभा पुंडीर को यह सम्मान उनके सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। समारोह का सबसे भावुक क्षण तब रहा जब यह सम्मान उनकी माता श्रीमती वीणा जी के करकमलों द्वारा उन्हें प्रदान किया गया। इस अवसर पर सभागार तालियों की गूंज से भर उठा।
डॉ.पुंडीर पिछले 14 वर्षों से ‘झोला अभियान’ के माध्यम से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चला रही हैं। उनका यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, स्वदेशी सोच और सतत जीवनशैली को भी बढ़ावा दे रहा है।

कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में बच्चों द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय नृत्य, लोककला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। यह प्रस्तुतियां डॉ. पुंडीर के मार्गदर्शन में तैयार की गई थीं।
उल्लेखनीय है कि डॉ. अनुभा को इससे पूर्व भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। उनके कार्यों को संयुक्त राष्ट्र से जुड़े मंचों, करमवीर सम्मान और TEDx जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म पर भी सराहा गया है।

काशी की पावन धरती पर मिला ‘राष्ट्रीय रत्न काशी महामना सम्मान’ समाज, संस्कृति और पर्यावरण के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के लिए किए जा रहे प्रयासों का सम्मान माना जा रहा है।
