साइबर ठगी पर STF की बड़ी कार्रवाई, जून में 1930 हेल्पलाइन से बचाए गए 2.63 करोड़ रुपये
देहरादून: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए जून 2026 के दौरान राष्ट्रीय साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से साइबर ठगी के शिकार लोगों के 2.63 करोड़ रुपये सुरक्षित बचाने का दावा किया है। वहीं, फॉलो-अप टीम की कार्रवाई में 2.68 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कराई गई।
एसटीएफ के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशों और पुलिस महानिदेशक के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराध पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम को संबंधित बैंक खातों में फ्रीज कराया गया।
एसटीएफ ने बताया कि जून माह के दौरान कई मामलों में पीड़ितों को बड़ी राहत मिली। पंतनगर निवासी एक व्यक्ति के 4.20 लाख रुपये, हरिद्वार की एक महिला के 14.60 लाख रुपये, देहरादून निवासी शिकायतकर्ता के 1.04 लाख रुपये तथा अन्य मामलों में भी समय रहते बड़ी धनराशि होल्ड कराई गई।
एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य एजेंसी का अधिकारी बनकर “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी दिए जाने पर घबराएं नहीं, क्योंकि कोई भी सरकारी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती।

एसटीएफ ने लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं, टेलीग्राम और यूट्यूब आधारित निवेश ऑफर, नकली कस्टमर केयर नंबर और अधिक मुनाफे का लालच देने वाले साइबर ठगों से सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी वित्तीय साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।
