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नियो मेट्रो के नाम पर खर्च 80-90 करोड़ का हिसाब मांगा, AAP ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

देहरादून।

भारत केसरी

देहरादून में नियो मेट्रो परियोजना को लेकर आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर नियो मेट्रो से जुड़े सर्वे, डीपीआर, कंसल्टेंसी और अन्य प्रक्रियाओं पर हुए खर्च का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की।

AAP का आरोप है कि नियो मेट्रो परियोजना के नाम पर अब तक करीब 80 से 90 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आ रही है, जबकि परियोजना की मौजूदा स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पार्टी ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से लंबे समय तक देहरादून में नियो मेट्रो परियोजना को लेकर बड़े दावे किए गए। सर्वे, डीपीआर और कंसल्टेंसी समेत विभिन्न तैयारियों पर सरकारी धन खर्च हुआ, लेकिन अब परियोजना को लेकर नए विकल्पों की चर्चा हो रही है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि पूर्व में तैयार कराई गई डीपीआर और सर्वे रिपोर्ट का क्या हुआ और उन पर खर्च की गई धनराशि का क्या औचित्य है।

 

महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री ने कहा कि जनता टैक्स के माध्यम से सरकार को राजस्व देती है और प्रत्येक सरकारी रुपये के इस्तेमाल में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने मांग की कि नियो मेट्रो से संबंधित अब तक हुए सभी सर्वे, डीपीआर, कंसल्टेंसी फीस और अन्य खर्चों का मदवार विवरण जनता के सामने रखा जाए।

 

वहीं, AAP मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर खर्च होने वाले सार्वजनिक धन का हिसाब जनता को मिलना चाहिए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह विकास परियोजनाओं के विरोध में नहीं है, लेकिन परियोजनाओं को ठोस तकनीकी, वित्तीय और व्यवहारिक आधार पर आगे बढ़ाए जाने की मांग करती है।

 

पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से नियो मेट्रो परियोजना की वर्तमान स्थिति, अब तक हुए खर्च, डीपीआर और सर्वे का विवरण, संबंधित कंसल्टेंसी एजेंसियों को किए गए भुगतान तथा भविष्य की कार्ययोजना सार्वजनिक करने की मांग की।

 

ज्ञापन में अनुमानित 80–90 करोड़ रुपये के खर्च की स्वतंत्र जांच कराने और किसी भी अनियमितता की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की गई।

 

प्रदर्शन के दौरान सीटी मजिस्ट्रेट राकेश चंद तिवारी को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान प्रदेश महासचिव श्याम बाबू पाण्डेय, हिमांशु पुण्डीर, जितेन पंथ, शैलेश तिवारी, कमल राणा, शरद जैन, वीके बजाज, आकेश भट्ट, वीर सिंह, गौरव उनियाल, यामिनी आले, शुभम कुमार, चंद्रशेखर भट्ट, रेखा सिंह और अफसाना सुल्तान सहित AAP के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

गौरतलब है कि उत्तराखंड मेट्रो रेल अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन की वेबसाइट पर देहरादून में मेट्रो नियो की DPR से संबंधित आधिकारिक सूचना उपलब्ध है। वहीं, केंद्र सरकार ने मार्च 2025 में संसद में बताया था कि देहरादून मेट्रो नियो का प्रस्ताव केंद्र के पास प्राप्त हुआ था और ऐसे प्रस्तावों का मूल्यांकन लागत, व्यवहार्यता, वैकल्पिक परिवहन साधनों और संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर किया जाता है।