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पीएमजीएसवाई से उत्तराखंड के दूरस्थ गांवों को मिल रही सड़क कनेक्टिविटी, 309 गांव जल्द जुड़ेंगे

देहरादून। उत्तराखंड के दूरस्थ और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत सड़क नेटवर्क के विस्तार से कई ऐसे गांवों तक आवागमन आसान हुआ है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पहुंच चुनौतीपूर्ण रही है।उत्तराखंड में बिछेगा सड़कों का जाल, 13 जिलों में बनेंगी 1,479 रोड्स, देखिये  जिलेवार डिटेल

पीएमजीएसवाई के तीन चरणों में अब तक ₹11,595 करोड़ की लागत से 21,915 किलोमीटर लंबी 2,826 सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इन सड़कों से प्रदेश के 1,860 गांव लाभान्वित हुए हैं।उत्तराखंड की सड़कों को चमकाने के लिए धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला, PMGSY और निकाय क्षेत्रों के लिए जारी होगा स्पेशल फंड - dhami cabinet approves major fund for ...

सड़क कनेक्टिविटी से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, राज्य सरकार दूरस्थ गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होने के साथ पर्यटन, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सुविधाएं मिलने की बात कही गई है।

सड़क संपर्क बेहतर होने से विद्यार्थियों के लिए आवागमन आसान हुआ है, वहीं मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने और किसानों को अपनी उपज मंडियों तक ले जाने में भी सुविधा मिल रही है।

पीएमजीएसवाई-4 के पहले चरण में 309 गांव होंगे लाभान्वित

पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में सड़क संपर्क के विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके प्रथम चरण में प्रदेश के 309 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ₹1,707 करोड़ की लागत से 1,228.20 किलोमीटर लंबी 184 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।

पीएमजीएसवाई-4 के तहत उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में कुल 1,479 सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव है। इनकी कुल लंबाई 9,344 किलोमीटर बताई गई है।

पौड़ी में सबसे अधिक 68 गांवों को मिलेगा लाभ

पीएमजीएसवाई-4 के प्रथम चक्र में पौड़ी गढ़वाल के सबसे अधिक 68 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा अल्मोड़ा और टिहरी के 47-47, बागेश्वर के 35, पिथौरागढ़ के 25, नैनीताल और उत्तरकाशी के 24-24, चमोली के 17, देहरादून और रुद्रप्रयाग के 10-10 तथा हरिद्वार के 2 गांवों को सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा।

राज्य सरकार के अनुसार, दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के विस्तार से ग्रामीण आबादी को मुख्यधारा से जोड़ने के साथ आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बेहतर आधार मिलने की उम्मीद है।