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महिला को जबरन कार में बैठाने के प्रयास का खुलासा, रायपुर पुलिस ने एक युवती को किया गिरफ्तार

देहरादून। रायपुर थाना क्षेत्र में महिला को कथित तौर पर जबरन कार में बैठाने के प्रयास के मामले का दून पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में शामिल एक युवती को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला व्यापारिक लेन-देन के विवाद से जुड़ा सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक, 23 सितंबर 2026 को सुषमा वर्मा पत्नी राहुल वर्मा, निवासी कानन कुंज, सहस्रधारा रोड ने थाना रायपुर में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि सुबह करीब 6:50 बजे नाला पानी चौक के पास कुछ लोगों ने उन्हें जबरदस्ती वाहन में बैठाने का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर रायपुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर थाना रायपुर और एसओजी देहात की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और घटना में इस्तेमाल वाहन समेत आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई।

पुलिस ने वादिनी से पूछताछ के साथ ही अन्य संदिग्धों से भी जानकारी जुटाई। लगातार किए जा रहे प्रयासों के बाद 26 सितंबर को सहस्रधारा रोड से अन्नू उर्फ चाहत को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर घटना में चार अन्य लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

डेयरी के सौदे और पैसों के लेन-देन का विवाद

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार युवती ने बताया कि वह दीपक पासवान को करीब दो वर्षों से जानती है और दोनों अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने सुषमा वर्मा से अठूरवाला-भानियावाला स्थित एक डेयरी को चलाने का सौदा किया था।

पुलिस के मुताबिक, डेयरी में 11 गाय थीं और सौदा 7.50 लाख रुपये में तय हुआ था। आरोप है कि इसके एवज में 5 लाख रुपये नकद और 2.50 लाख रुपये का चेक दिया गया था। उन्हें बताया गया था कि गायों से प्रतिदिन करीब 150 लीटर दूध प्राप्त होता है।

पूछताछ के अनुसार, दूध की मात्रा अपेक्षा से कम होने पर आरोपियों ने सुषमा से रकम वापस मांगी थी। इसी दौरान पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद बढ़ गया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार युवती ने यह भी बताया कि इलाज के दौरान पैसों की जरूरत पड़ने पर दूध की बिक्री से संबंधित करीब 1.22 लाख रुपये मांगे गए थे, लेकिन आरोप है कि उन्हें रकम नहीं दी गई। इसी आर्थिक विवाद के चलते सुषमा को डराने की योजना बनाई गई।

किराये की कार से पहुंचे थे सहस्रधारा

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सुषमा को डराने के लिए कारगी चौक के पास से काले रंग की स्विफ्ट कार किराये पर ली थी। कार लेने के लिए गारंटी के तौर पर अन्नू ने अपनी स्कूटी रखी थी।

पुलिस पूछताछ के अनुसार, घटना से पहले आरोपी अपने साथियों से मिलने रोशनाबाद, हरिद्वार गए थे। इसके बाद वे आदित्य, लक्की और प्रियांशु के साथ देहरादून लौटे।

23 सितंबर की सुबह दीपक, आदित्य और लक्की कथित तौर पर स्विफ्ट कार से सहस्रधारा पहुंचे। पुलिस के अनुसार, महिला के शोर मचाने और आसपास के लोगों के पहुंचने के बाद आरोपी पकड़े जाने के डर से मौके से फरार हो गए।

एक गिरफ्तार, चार की तलाश

गिरफ्तार अभियुक्ता की पहचान चाहत उर्फ अन्नू, उम्र 19 वर्ष, निवासी गोविंद विहार, डांडा लखौंड, थाना रायपुर, देहरादून के रूप में हुई है।

पुलिस ने जिन चार अन्य आरोपियों को वांछित बताया है, उनमें दीपक पुत्र दिलीप कुमार, निवासी विष्णु लोक कॉलोनी, ज्वालापुर, थाना सिडकुल, हरिद्वार; सुशांत उर्फ लक्की, निवासी ग्राम डोब, तहसील देवप्रयाग, थाना हिंडोलाखाल, टिहरी गढ़वाल; आदित्य वशिष्ठ, निवासी औरंगाबाद, थाना सिडकुल, हरिद्वार; और प्रियांशु, निवासी नगला अहमद, थाना मंगलौर, हरिद्वार शामिल हैं।

पुलिस टीमों द्वारा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।