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उत्तरकाशी में हाई हिमालयी रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, 32 ट्रेकर्स-पोर्टर्स का हेली रेस्क्यू

देहरादून/उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण फंसे ट्रेकर्स और पोर्टर्स को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से ही आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति की जानकारी ली और सभी प्रभावित ट्रेकर्स एवं पोर्टर्स की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रशासन के अनुसार, ऑडेन कोल (Auden’s Col) क्षेत्र से 29 और कालिंदी पास से 3 ट्रेकर्स का सफलतापूर्वक हेली रेस्क्यू किया गया है। सभी को हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया गया। वहीं ऑडेन कोल क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान अभी भी जारी है।

पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों से कहा कि बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण के लिए गए प्रत्येक ट्रेकर एवं पोर्टर को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। उन्होंने रेस्क्यू किए गए लोगों को आवश्यक चिकित्सीय सहायता, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आने वाला प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक राज्य का अतिथि है। ऐसे में संकट की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन, वन विभाग, एसडीआरएफ, पुलिस और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं।

 

भोजवासा-चीड़बासा से भी पर्यटकों की सुरक्षित वापसी

प्रशासन के मुताबिक, भोजवासा और चीड़बासा में रुके अधिकांश पर्यटकों को गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारियों की मदद से सुरक्षित वापस लाया गया है। वहीं उच्च हिमालयी क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान परिस्थितियों के अनुसार जारी रखा जा रहा है।

रेस्क्यू किए गए ट्रेकर्स और पोर्टर्स ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चलाए गए बचाव अभियान के लिए उत्तराखंड सरकार और प्रशासन की सराहना की है।

मौसम सुधरा, चारधाम यात्रा फिर शुरू

इधर, गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि मौसम की स्थिति में सुधार के बाद चारधाम यात्रा को पुनः सुचारू कर दिया गया है। संबंधित जिलाधिकारियों को यात्रा संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर 26 सितंबर की दोपहर से 27 सितंबर 2026 तक चारधाम यात्रा स्थगित की गई थी। मौसम में सुधार के बाद अब यात्रा फिर शुरू कर दी गई है।

आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संबंधित जिलाधिकारी यात्रा संचालन को लेकर आवश्यक निर्णय ले सकते हैं। मार्ग अवरुद्ध होने, अत्यधिक बारिश या प्रतिकूल मौसम की स्थिति में जिलाधिकारी अपने स्तर से यात्रा को अस्थायी रूप से रोक सकते हैं।

बारिश से हुए नुकसान पर भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने हाल की बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बंद सड़कों को जल्द खोलने और बारिश से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत युद्धस्तर पर कराने को कहा है।

प्रशासन की ओर से यात्रियों और श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।