समाधान दिवस में 140 से ज्यादा शिकायतें, डीएम ने अफसरों को दो टूक—कागजों में नहीं, जमीन पर दिखे कार्रवाई
देहरादून। जनता की शिकायतों के बीच सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जन समाधान दिवस में 140 से अधिक मामले पहुंचे। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के सामने लोगों ने भूमि विवाद, अतिक्रमण, अवैध निर्माण, मुआवजा, पारिवारिक विवाद और उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतें रखीं। शिकायतों की संख्या ने एक बार फिर जमीन से जुड़े विवादों और पारिवारिक मामलों की गंभीरता को सामने रखा।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायत दर्ज कर फाइल आगे बढ़ा देना ही समाधान नहीं है। प्रत्येक मामले में स्थलीय जांच, नियमानुसार कार्रवाई और शिकायतकर्ता को समयबद्ध राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराने को कहा।
73 वर्षीय महिला ने सुनाई उत्पीड़न की पीड़ा
समाधान दिवस में 73 वर्षीय रामप्यारी गोदियाल ने पारिवारिक उत्पीड़न, गाली-गलौज, मारपीट और घर से निकाले जाने की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुत्रवधू और पौत्र की ओर से उनके साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जाता है तथा मकान उनके नाम करने के लिए दबाव बनाया जाता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने और वरिष्ठ नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वृद्ध विधवा ने भी मांगी सुरक्षा
राजपुर के चन्द्रलोक बस्ती की वृद्ध विधवा यशोदा देवी ने पुत्र और पुत्रवधू पर कथित मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न, अभद्रता और धमकी देने के आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि पूर्व में पुलिस स्तर पर शिकायत की जा चुकी है और संपत्ति से बेदखली संबंधी सार्वजनिक नोटिस भी प्रकाशित कराया गया है।

शिकायतकर्ता ने विवाद बढ़ने और मारपीट की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की। डीएम ने मामले की जांच के साथ पुलिस को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
छह महीने से मुआवजा लंबित, अफसरों से मांगा जवाब
ईस्ट होपटाउन, विकासनगर के भूमि धारकों ने मकान और भूमि के मुआवजे का भुगतान छह महीने से अधिक समय से लंबित होने की शिकायत की। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, फरवरी 2026 में आवश्यक दस्तावेज जमा कराए जा चुके हैं, लेकिन भुगतान अब तक नहीं हुआ।
डीएम ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को मामले में आवश्यक कार्रवाई कर लंबित मुआवजे के प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए।

जमीन की पैमाइश अटकी, तहसीलदार को निर्देश
रेसकोर्स निवासी संजय कालरा ने कोल्हूपानी क्षेत्र में अपनी भूमि पर पड़ोसी द्वारा कथित अतिरिक्त तारबाड़ किए जाने की शिकायत की। भूमि की पैमाइश के लिए पूर्व में आवेदन किए जाने के बावजूद कार्रवाई लंबित होने पर उन्होंने सीमांकन कराने की मांग की।
डीएम ने तहसीलदार विकासनगर को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
सील के बावजूद निर्माण जारी रखने का आरोप
आईटी पार्क के पीछे वी.डी.जी. ग्रीन फ्लैट्स के निवासियों ने धोरणखास में निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन को लेकर शिकायत की। उनका आरोप है कि निर्माण नियमों के विपरीत और आवासीय भवनों से सटाकर किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा और वेंटिलेशन प्रभावित हो रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि MDDA की सील के बावजूद निर्माण कार्य जारी है और बिल्डर की ओर से धमकी दी जा रही है। डीएम ने मामले में MDDA को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत
जॉलीग्रांट के कोठारी मोहल्ले में सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध निर्माण की शिकायत भी समाधान दिवस में पहुंची। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम डोईवाला और MDDA के अधिकारियों से स्टेटस रिपोर्ट तलब की।
दहेज उत्पीड़न की शिकायत पर DLSA से मुफ्त वकील दिलाने के निर्देश
एक महिला ने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न और पति पर मारपीट के आरोप लगाए। महिला ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कानूनी खर्च उठाने में असमर्थता जताते हुए सहायता मांगी।
डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही पीड़िता को कानूनी सहायता दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने को कहा।
डीएम का दो टूक संदेश—शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण जरूरी
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस में शिकायत दर्ज करना अंतिम प्रक्रिया नहीं है, बल्कि हर शिकायत का नियमानुसार निस्तारण और शिकायतकर्ता को राहत पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
