CM Helpline पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं, DM ने 36 से 180 दिन पुरानी शिकायतों पर मांगी रिपोर्ट
देहरादून, 28 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबे समय से लंबित शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों पर सख्ती दिखाई है। कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने 36 से 180 दिन तक लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर दर्ज करने तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान होना चाहिए।
36 से 180 दिन पुरानी शिकायतों पर दो दिन में रिपोर्ट
CM Helpline की समीक्षा के दौरान लंबे समय से लंबित शिकायतों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि 36 से 180 दिन तक लंबित सभी शिकायतों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
डीएम ने अधिकारियों को इन मामलों की व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी करने और प्रत्येक शिकायत पर हुई कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए।
Force Close शिकायतों पर अब प्रमाण पत्र जरूरी
सीएम हेल्पलाइन पर Force Close की जा रही शिकायतों को लेकर भी डीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को Force Close करने से पहले संबंधित विभाग को प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
प्रमाण पत्र में शिकायत की वास्तविक स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख करना होगा। डीएम ने कहा कि बिना ठोस आधार और उचित कार्रवाई के किसी शिकायत को बंद नहीं किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने के बाद ही प्रकरण का निस्तारण करने को कहा।
“पोर्टल पर निस्तारण नहीं, समस्या का समाधान जरूरी”
जिलाधिकारी ने कहा कि CM Helpline शासन की प्राथमिकता वाली व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि शिकायतों को गंभीरता से लें और निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई करें।
उन्होंने शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराने पर भी जोर दिया।
2025 से लंबित CM घोषणाओं पर कारण बताओ नोटिस
बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं की विभागवार प्रगति की भी समीक्षा की गई। वर्ष 2025 से लंबित मुख्यमंत्री घोषणाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित घोषणाओं के लिए स्पष्ट कार्ययोजना और समयसीमा निर्धारित करने को कहा।
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा होगी। तय समयसीमा के भीतर अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
जनहित के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को CM Helpline और मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़े लंबित मामलों में अंतरविभागीय समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और अधिकारियों द्वारा संवेदनशीलता, गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
