Uttrakhand

NSUI की जीत ने युवाओं के लोकतांत्रिक विश्वास को मजबूत किया: राजेंद्र भंडारी

देहरादून, 30 सितंबर: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी ने प्रदेशभर में संपन्न छात्रसंघ चुनावों में NSUI और कांग्रेस समर्थित छात्र प्रत्याशियों की जीत पर बधाई दी है। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न महाविद्यालयों में NSUI ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और कई स्थानों पर कांग्रेस समर्थित छात्र प्रत्याशियों ने भी जीत दर्ज की।

National Students' Union of India - Wikipedia

भंडारी के अनुसार, करीब 45 महाविद्यालयों में NSUI ने सफलता हासिल की, जबकि कई अन्य संस्थानों में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी विजयी रहे। उन्होंने इन परिणामों को युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी और शिक्षा, रोजगार तथा छात्रहित से जुड़े मुद्दों के प्रति उनकी जागरूकता से जोड़कर देखा।

गढ़वाल से कुमाऊं तक जीत का दावा

भंडारी ने दावा किया कि कोटद्वार, पौड़ी, केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर, सतपुली, गोपेश्वर, कर्णप्रयाग, नंदानगर, नारायणबगड़, अगस्त्यमुनि, चकराता, त्यूणी, DBS देहरादून, सुद्धोवाला, मोरी, पुरोला, नरेंद्रनगर, घनसाली, टनकपुर, चंपावत, कपकोट, गरुड़, कांडा, KLDAV रुड़की, ऋषिकेश, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, सोमेश्वर, खटीमा समेत विभिन्न महाविद्यालयों में NSUI अथवा कांग्रेस समर्थित छात्र प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।

उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर NSUI के पूरे पैनल की जीत हुई है। भंडारी ने कर्णप्रयाग और नारायणबगड़ में NSUI प्रत्याशियों की जीत तथा DBS कॉलेज देहरादून में NSUI के अभिनव के अध्यक्ष निर्वाचित होने का भी उल्लेख किया।

 

उत्तराखंड कांग्रेस के महामंत्री (संगठन) श्री राजेंद्र भंडारी जी को जन्मदिन  की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको ...

 

DAV और हल्द्वानी चुनावों को लेकर उठाए सवाल

भंडारी ने छात्रसंघ चुनावों के दौरान कुछ महाविद्यालयों में प्रशासनिक हस्तक्षेप और दबाव की शिकायतों का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से DAV कॉलेज देहरादून और हल्द्वानी के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सामने आए विवाद गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

उन्होंने कहा कि DAV कॉलेज में मतगणना के दौरान हंगामे की खबरें सामने आई थीं। भंडारी के मुताबिक यदि छात्रसंघ चुनाव जैसे लोकतांत्रिक मंच पर प्रशासनिक दबाव या हस्तक्षेप की स्थिति बनती है तो यह चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनावों को लोकतंत्र की शुरुआती पाठशाला माना जाता है और इन चुनावों में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।

टनकपुर में परिणाम घोषित करने में देरी का दावा

कांग्रेस नेता ने टनकपुर महाविद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां NSUI के पूरे पैनल की जीत के बावजूद परिणाम घोषित करने में कथित देरी को लेकर सवाल उठे।

उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों की घोषणा बिना किसी दबाव और पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।

विधानसभा चुनाव से पहले निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था की मांग

आगामी विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए भंडारी ने सरकार और प्रशासन से चुनावी प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने की मांग की।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनावी चुनौती से पीछे नहीं हटेगी और जनता के बीच अपने विचार, संघर्ष तथा कार्यों को लेकर जाएगी। भंडारी ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और जनता की ताकत में विश्वास करती है।

उन्होंने भाजपा सरकार पर पुलिस और प्रशासन के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को राजनीतिक दबाव के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।

‘युवा अपने अधिकारों को लेकर जागरूक’

भंडारी ने कहा कि छात्रसंघ चुनावों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि प्रदेश का युवा अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर जागरूक है।

उन्होंने छात्र-छात्राओं से संविधान, लोकतंत्र, शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का आह्वान किया।

भंडारी ने कहा कि कांग्रेस युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी और किसी भी कथित प्रशासनिक दबाव या लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएगी।