Uttrakhand

उत्तराखंड के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करेंगे सामाजिक संगठन, जन घोषणा पत्र की तैयारी

देहरादून।

भारत केसरी

उत्तराखंड के सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और संवैधानिक मुद्दों को लेकर सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर आवाज उठाने का ऐलान किया है। देहरादून के संस्कृति विभाग सभागार में रचनात्मक कांग्रेस–उत्तराखंड और विभिन्न जन संगठनों की साझा पहल पर आयोजित ‘उत्तराखंड जन संवाद 2026’ में राज्य से जुड़े कई प्रमुख मुद्दों पर दिनभर मंथन किया गया।

कार्यक्रम में भू-कानून, पलायन, बेरोजगारी, अनियोजित शहरीकरण, पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं की सुरक्षा, दलित और अल्पसंख्यक उत्पीड़न, ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े सवाल, किसानों की समस्याएं, नौले-धारे और लोक संस्कृति समेत कई विषयों पर चर्चा हुई।

वरिष्ठ पत्रकार जयसिंह रावत ने भू-कानून के मुद्दे पर अपनी बात रखी, जबकि डॉ. प्रेम बहुखंडी ने पलायन और ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों के बाहर जाने के सवाल को उठाया। विजय भट्ट ने अनियोजित शहरीकरण को लेकर चिंता जताई। वरिष्ठ पत्रकार एमएसए काजमी और अधिवक्ता रजिया बेग ने अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों पर विचार रखे।

वहीं आरपी विशाल और जबर सिंह ने दलित उत्पीड़न के मामलों का मुद्दा उठाया। पत्रकार त्रिलोचन भट्ट ने सामाजिक हिंसा से जुड़े मामलों में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की। राहुल कोटियाल ने सरकारी जमीनों के इस्तेमाल और बिक्री से जुड़े सवाल उठाए, जबकि दीपा कौशलम ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों और न्याय व्यवस्था पर अपनी बात रखी।

कार्यक्रम में पर्यावरण, पर्यटन और तीर्थाटन से जुड़े सवाल भी प्रमुखता से उठे। सामाजिक कार्यकर्ता अरण्य रंजन ने बढ़ते पर्यटक और तीर्थयात्री दबाव के बीच व्यवस्थाओं की जरूरत बताई। किसानों की समस्याओं, पेड़ों की कटाई, पहाड़ों के कुटीर उद्योगों की चुनौतियों, किसाऊ बांध और उत्तराखंड के लोक कलाकारों की स्थिति पर भी वक्ताओं ने अपनी बात रखी।

रचनात्मक कांग्रेस के चेयरपर्सन संदीप दीक्षित ने कहा कि यह मंच सामाजिक संगठनों और जन सरोकारों से जुड़े लोगों के संवाद के लिए है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर से सामने आने वाले मुद्दों और अनुभवों को लगातार विमर्श का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। रचनात्मक कांग्रेस के गठन और उसके सामाजिक संवाद के उद्देश्य के बारे में जुलाई में भी दीक्षित की ओर से इसी तरह की बात रखी गई थी।

कार्यक्रम के समापन सत्र में भुवन पाठक ने आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की। आयोजकों के अनुसार, जन संवाद में सामने आए मुद्दों को आगे के विमर्श में शामिल किया जाएगा और विधानसभा चुनाव से पहले जनता का घोषणा पत्र तैयार करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। 28 सितंबर को रुद्रपुर में आयोजित जनसंवाद में भी जन घोषणा पत्र के मसौदे पर चर्चा की बात सामने आई थी।

कार्यक्रम में डॉ. रवि चोपड़ा, निर्मला बिष्ट, विमला कोली, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, सुरेश भाई, गरिमा दसौनी, सुजाता पॉल समेत सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग मौजूद रहे।