श्राद्ध टिप्पणी और मोहम्मद दीपक प्रकरण पर कांग्रेस पर हनी पाठक का हमला
उत्तराखंड
भारत केसरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वर्गीय पिता के श्राद्ध को लेकर कांग्रेस की कथित टिप्पणी और कोटद्वार के व्यापारी प्रकरण में मोहम्मद दीपक की गिरफ्तारी को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने दोनों मामलों को लेकर कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा है।

हनी पाठक ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन विरोध के नाम पर व्यक्तिगत और धार्मिक भावनाओं की सीमा लांघना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि श्राद्ध सनातन परंपरा में पितरों के प्रति श्रद्धा, स्मरण और तर्पण का पवित्र संस्कार है, ऐसे विषय को राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाना उचित नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता को लेकर की गई कथित टिप्पणी का हवाला देते हुए कांग्रेस पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत परिवार और धार्मिक आस्था तक ले जाना स्वस्थ राजनीति का हिस्सा नहीं हो सकता।
वहीं कोटद्वार के व्यापारी से मारपीट और धमकी के मामले में मोहम्मद दीपक की गिरफ्तारी को लेकर भी हनी पाठक ने कांग्रेस से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया कि मामले में कांग्रेस नेताओं की भूमिका और मोहम्मद दीपक के साथ उनके सार्वजनिक मेलजोल को लेकर पार्टी का आधिकारिक रुख क्या है। साथ ही उन्होंने पूछा कि कथित पीड़ित व्यापारी के पक्ष में कांग्रेस नेताओं ने क्या कदम उठाए।
हनी पाठक ने वर्ष 2017 में कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को लेकर की गई विवादित टिप्पणी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना से जुड़े संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक दलों को बयानबाजी में संयम बरतना चाहिए।
हनी पाठक ने कहा कि भाजपा राजनीतिक संघर्ष को मुद्दों और नीतियों तक सीमित रखने के पक्ष में है। उन्होंने कांग्रेस से अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध करते समय परिवार, धार्मिक आस्था और दिवंगत व्यक्तियों के सम्मान की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राजनीतिक बहस लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और संवेदनशील धार्मिक विषयों को राजनीतिक हथियार बनाना किसी भी दल के लिए उचित नहीं है।

