HealthUttrakhand

सेवा संकल्प अभियान में भुड्डी में स्वास्थ्य शिविर, 423 लोगों को मिली स्वास्थ्य सेवाएं

देहरादून। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सोमवार को ग्राम पंचायत भुड्डी, सहसपुर में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस दौरान कुल 423 पंजीकरण किए गए और विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में दायित्वधारी राज्य मंत्री विश्वास डाबर और सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर मौजूद रहे। दोनों अतिथियों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

145 मरीजों का ओपीडी पंजीकरण

स्वास्थ्य शिविर में 145 मरीजों का ओपीडी पंजीकरण किया गया, जबकि 118 लोगों की गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और 60 मरीजों की अन्य स्वास्थ्य जांच की गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को नि:शुल्क परामर्श दिया और आवश्यक दवाएं वितरित कीं।

शिविर में 18 आभा आईडी बनाई गईं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लोगों का पंजीकरण किया गया, जबकि एक लाभार्थी को आयुष्मान कार्ड प्रमाण पत्र जारी किया गया। दिव्यांगता पंजीकरण के तहत चार आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से एक दिव्यांगता प्रमाण पत्र मौके पर ही जारी किया गया।

मातृ-शिशु और किशोर स्वास्थ्य पर भी फोकस

शिविर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई। 14 गर्भवती और 4 धात्री महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 22 तथा राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत भी 22 लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

विभिन्न विशेषज्ञ सेवाओं में हड्डी रोग के 10, डॉट्स/टीबी स्क्रीनिंग के 7, नेत्र जांच के 6, मानसिक स्वास्थ्य ओपीडी के 3, एनआईवीएच के 2 और कुष्ठ रोग के एक मरीज को सेवाएं दी गईं।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संभाली जिम्मेदारी

शिविर का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून के दिशा-निर्देशन में किया गया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप राणा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहन सिंह डोगरा समेत जिला एवं स्थानीय स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।

शिविर के सफल संचालन में ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक अभिषेक रावत, आरकेएसके काउंसलर मुकेश रौतेला, स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारियों, कर्मचारियों और आशा कार्यकत्रियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।