Social Welfare Department

समाज कल्याण विभाग की पहल से अंतर-पीढ़ीगत संवाद को नई उड़ान, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के बीच अनुभव साझा

देहरादून, 19 दिसंबर 2025 | समाज कल्याण विभाग, देहरादून की एक अभिनव पहल के तहत वरिष्ठ नागरिकों और युवा पीढ़ी के बीच संवाद स्थापित कर अंतर-पीढ़ीगत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के बीच बढ़ते कम्युनिकेशन गैप को कम करना और अनुभव साझा कर सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा देना है।

मा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन देहरादून द्वारा इस पहल की शुरुआत प्रेम धाम वृद्ध आश्रम, देहरादून से की गई। कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार की अटल वयो अन्युदय योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को व्हीलचेयर, कान की मशीन, वॉकर, कमर बेल्ट सहित 136 सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए गए।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से वृद्धजनों का मेडिकल चेकअप शिविर भी लगाया गया, जिसमें रक्तचाप, शुगर, खून की जांच के साथ आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं और पंजीकरण किया गया।

प्रेम धाम वृद्ध आश्रम में रह रहे 34 वरिष्ठ नागरिकों के साथ कार्मन रेजिडेंशियल एंड डे स्कूल के बच्चों ने संवाद किया। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवन के अनुभव, संघर्ष और सीख बच्चों के साथ साझा किए, वहीं बच्चों ने भी अपने विचार और भावनाएं व्यक्त कीं। इस खुले संवाद मंच ने दोनों पीढ़ियों को एक-दूसरे को समझने और जोड़ने का अवसर प्रदान किया।

पर्यावरण संरक्षण के संदेश के तहत वरिष्ठ नागरिकों द्वारा मुख्यमंत्री की पहल “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत आम का पौधारोपण भी किया गया।

संवाद कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठ नागरिकों ने इसे जिला प्रशासन की सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि बच्चों के साथ संवाद से उन्हें खुशी मिली और अपने बचपन की यादें ताजा हो गईं।

प्रेम धाम वृद्धाश्रम की इंचार्ज सिस्टर एंगिलिनी ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से वृद्धजनों का अकेलापन दूर होता है और उन्हें मनोरंजन व भावनात्मक जुड़ाव की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि सभी वृद्धजनों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और स्वास्थ्य शिविर का भी लाभ उठाया।

जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि अटल वयो अन्युदय योजना के अंतर्गत आयोजित इस अनुभव साझा संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य पीढ़ियों के बीच संवाद बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं के बीच सामाजिक एवं भावनात्मक संबंध और सशक्त हो सकें।

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