किसान नेता राकेश टिकैत से मिले पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद, किसानों की बदहाली पर गंभीर मंथन गन्ना किसानों का भुगतान एक सप्ताह में हो: रविंद्र सिंह आनंद
देहरादून।
उत्तराखंड सरकार के पूर्व राज्य मंत्री एवं मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र सिंह आनंद ने प्रसिद्ध किसान नेता राकेश टिकैत से उनके मुजफ्फरनगर स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों में किसानों की मौजूदा स्थिति, जमीनी समस्याओं और कृषि नीतियों पर गंभीर एवं विस्तृत चर्चा हुई।
भेंट के दौरान रविंद्र सिंह आनंद ने उत्तराखंड के किसानों की बदहाल स्थिति को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि राज्य का किसान लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहा है और कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। उन्होंने गन्ना किसानों का भुगतान लंबे समय से लंबित होने पर चिंता जताते हुए मांग की कि किसानों को राहत देने के लिए भुगतान एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
रविंद्र आनंद ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार किसानों के हित में केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों को न तो उनकी उपज का उचित मूल्य मिल पा रहा है और न ही बढ़ती कृषि लागत का कोई प्रभावी मुआवजा दिया जा रहा है। खाद, बीज, कीटनाशक और सिंचाई की लागत में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन समर्थन मूल्य और सरकारी सहायता में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के किसानों की समस्याएं अलग-अलग हैं, इसके बावजूद सरकार की नीतियां सभी के लिए एक समान हैं, जिससे किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। रविंद्र सिंह आनंद ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कृषि से लोगों का मोहभंग होगा, जो भविष्य के लिए चिंताजनक स्थिति है।
किसान नेता राकेश टिकैत ने उत्तराखंड के किसानों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को संगठित रूप से उठाकर ही सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है, जिससे नीतिगत बदलाव संभव हो सकें।
भेंट के दौरान किसानों के हितों की रक्षा, कर्ज मुक्ति, फसलों का उचित मूल्य, कृषि नीति में सुधार और किसान-केंद्रित निर्णयों को लेकर संयुक्त प्रयास करने पर भी सहमति बनी।
