अंकिता भंडारी हत्याकांड: कांग्रेस ने सीबीआई जांच में पारदर्शिता की मांग की, 11 जनवरी को बंद का आह्वान
देहरादून:
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की संस्तुति पर प्रेस वार्ता की। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जांच को भटकाने का प्रयास कर रही है और उत्तराखंड की मातृशक्ति एवं अस्मिता को अपमानित किया जा रहा है।

गोडियाल ने कहा कि टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) सार्वजनिक किए जाएँ और स्पष्ट किया जाए कि क्या जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि जांच के दायरे में निम्न बिंदुओं को शामिल किया जाए:
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वनांतरा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता के फोन पर आए कॉल और संदेशों की सीबीआई द्वारा रिकॉर्डिंग और सार्वजनिक रिपोर्ट।
अंकिता और उसके मित्र पुष्पदीप के व्हाट्सएप चैट की प्रमाणिकता।
अपराधियों की व्हाट्सएप और कॉल डिटेल्स का सीबीआई में शामिल होना।
यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट की मुख्यमंत्री आवास में हुई वार्ता के विवरण।
रेनू बिष्ट की गवाही एसआईटी में हुई पर कोर्ट में क्यों नहीं हुई।
घटनास्थल से साक्ष्य मिटाने की कार्यवाही किसके आदेश पर हुई और पुलिस ने इसे क्यों रोका नहीं।
गोडियाल ने कहा कि कांग्रेस 11 जनवरी 2026 को बंद का समर्थन करती है और सरकार द्वारा आमजन, सोशल एक्टिविस्ट और यूट्यूबर्स पर किए गए मुकदमों को तुरंत वापस लेने की मांग की।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने एसआईटी पूछताछ के दौरान भाजपा महिला कार्यकर्ता की मौजूदगी पर सवाल उठाया।
राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि भाजपा द्वारा लगाए गए मुकदमों का कांग्रेस डटकर विरोध करेगी।
प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रवक्ता सुजाता पॉल, राजीव महर्षि और गिरीश हिन्दवान भी मौजूद रहे।
